दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-4 को लागू कर दिया गया है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के स्टेज-4 के तहत सरकार ने सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इसके तहत गुरुवार से सरकारी व निजी सभी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है। निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि ग्रैप-3 के 16 दिन और ग्रैप-4 के दौरान बेरोजगार हुए पंजीकृत निर्माण मजदूरों को मुआवजा स्वरूप 10 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। अस्पताल, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले मजदूरों को इससे छूट मिलेगी।
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) बुधवार सुबह 328 पर रहा, जो 'बहुत खराबÓ श्रेणी में है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गैर-बीएस-6 वाहनों और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर प्रतिबंध है। बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। बायोमास जलाने से रोकने के लिए हीटर वितरित किए जा रहे हैं।
18 दिसंबर से बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट वाले वाहनों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा।
बीएस-4 से नीचे के बाहर के वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित।
निर्माण कार्य पूरी तरह बंद।
स्कूल-कॉलेज में ऑनलाइन कक्षाएं।
दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रूख अपनाया है। इस दौरान सीजेआइ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जाम लगने से प्रदूषण का कारण बन रहे नौ टोल प्लाजाओं को जनवरी तक बंद करने के लिए विचार करने को कहा है। इस दौरान पीठ के समक्ष स्कूलों के बंद होने से गरीब बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पाने का मुद्दा भी उठा। इस पर सीजेआइ ने कहा कि हमें कुछ मामलों को विशेषज्ञों पर छोड़ देना चाहिए। वहीं टोल बंद करने का निर्णय लेने को दिल्ली सरकार को एक हफ्ते का समय दिया गया है।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को बताया कि वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार जल्द कार पूलिंग एप लांच करेगी। सरकार ने अगले 10 वर्ष में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 2700 करोड़ रुपए एमसीडी को देने का प्रावधान किया है।