
Auto driver inspiring story : नई दिल्ली। कहावत है कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और बच्चों के सुनहरे भविष्य का सपना, तो राह की हर मुश्किल आसान हो जाती है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जहां एक ड्राइवर ने अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए गुड़गांव में नौकरी छोड़ दी और ऑटो-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया।
दरअसल, एक कंपनी के फाउंडर आकाश गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है। उन्होंने बताया कि ऑफिस से घर लौटते समय उन्होंने कैब के बजाय एक लोकल ऑटो-रिक्शा लिया। सफर के दौरान जब उनकी ऑटो ड्राइवर से बातचीत शुरू हुई। आकाश गुप्ता ने लिखा कि बातचीत के दौरान ड्राइवर ने बताया कि वह रोजाना 1500 से 2000 रुपए कमा लेता है। सिर्फ 8 से 9 घंटे की ड्राइविंग कर वह महीने में 50 से 60 हजार रुपए कमा लेते है, जिसमें से सभी खर्चे निकालने के बाद आसानी से 40 से 45 हजार रुपए की बचत हो जाती है। उन्होंने आगे लिखा कि देश बदल रहा है और गिग इकोनॉमी आम लोगों के लिए रोजगार के बेहतरीन और वास्तविक मौके पैदा कर रही है।
वीडियो में ऑटो ड्राइवर ने बताया कि वह पहले गुड़गांव की एक कंपनी में 25 हजार रुपए की सैलरी पर सुपरवाइजर का काम करता था। लेकिन इन पैसों में परिवार की जरूरतें और बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही थी। खुद अनपढ़ होने के बावजूद ऑटो ड्राइवर का एक ही सपना है बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना। इसी के चलते उसने नौकरी छोड़ ऑटो चलाने का फैसला किया।
ड्राइवर ने बताया कि वह सुबह से दोपहर तक ऑटो चलाता है। इसके बाद दोपहर में खाना खाने, नहाने और करीब एक घंटा आराम करने के लिए घर जाता है। फिर शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक दोबारा ऑटो चलाता है। इस रूटीन से उसे न सिर्फ अच्छी कमाई हो रही है, बल्कि परिवार के साथ वक्त बिताने का सुकून भी मिल रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग ऑटो ड्राइवर के जज्बे को सलाम कर रहे हैं।