
Delhi Building Collapse: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG बिल्डिंग के गिरने को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) और कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए MCD कमिश्नर संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने बिल्डिंग मालिक, निर्माण से जुड़े लोगों और संबंधित जोनल अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की।
इस घटना के लिए जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए ABVP नेता ने नगर निगम के बड़े अधिकारियों पर निशाना साधा। सोलंकी ने कहा कि जिस भी अधिकारी ने उस हॉस्टल के नीचे बेसमेंट में खुदाई या निर्माण की अनुमति दी थी, उस लापरवाह जोनल अधिकारी से लेकर शीर्ष स्तर तक सबकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सोलंकी ने कहा कि एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार केवल स्टेडियम में एथलीट्स को निकालकर कुत्ता घुमाने के लिए ही जाने जाते हैं और उन्हें वही काम करना चाहिए। दिल्ली के छात्रों की सुरक्षा और पीजी की निगरानी सुनिश्चित करने में वे पूरी तरह विफल रहे हैं, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले में बिल्डिंग मालिक, ठेकेदार और संबंधित जोन के सभी लापरवाह अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि 2022 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम से जुड़ा एक विवाद सुर्खियों में आया था, जब 1994 बैच के IAS अधिकारी संजीव खिरवार पर आरोप लगे थे। आरोप था कि उनके कुत्ता टहलाने के लिए खिलाड़ियों और कोचों को शाम 7 बजे से पहले ही स्टेडियम खाली करने को कहा जाता था। इस घटना के बाद काफी आक्रोश फैला था और सरकार ने स्टेडियमों को रात 10 बजे तक खिलाड़ियों के लिए खुला रखने का आदेश दिया था। बाद में केंद्र सरकार ने खिरवार का तबादला लद्दाख कर दिया, जबकि उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी रिंकू दुग्गा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (कंपलसरी रिटायरमेंट) दे दी गई थी।
सोलंकी ने NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अस्पताल की मोर्चरी में जाकर शवों का वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करना असंवेदनशीलता का काम था। उन्होंने कहा कि इस हादसे से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए था।
ABVP नेता ने NSUI द्वारा शेयर किए गए उस वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें मलबे में फंसे एक छात्र का चेहरा दिख रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि पीड़ित की पहचान उजागर करने का उसके परिवार पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मदद करने के बजाय घटनास्थल पर राजनीति में लगे थे। सोलंकी ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।