बाबा का भेष बना झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन बदमाशों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके साथ ही एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस जांच में अंदर किया गया जो इन लोगों द्वारा चोरी की गई सोने की चीजों को खरीदता था।
दिल्ली पुलिस ने फर्जी बाबा का भेष बना लोगों के साथ दिनदहाड़े झपटमारी की घटना को अंजाम देने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। 1 अगस्त को एक महिला के साथ हुई छीनाझपटी की घटना की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इन बदमाशों का पर्दाफाश किया है। घटना के दौरान महिला टैक्सी में यात्रा कर रही थी और बीच रास्ते में जब उसकी गाड़ी रेड लाइट पर रुकी तो बदमाशों ने उसे घेर लिया और उसकी डायमंड की अंगूठी लेकर भाग गए।
महिला एक टैक्सी में मोती नगर से कॉनॉट प्लेस जा रही थी। उसी बीच शादीपुर फ्लाईओवर की लाल बत्ती पर जब उसकी टैक्सी रुकी तो शरीर पर भस्म लगाए हुए और साधु के कपड़े पहने हुए तीन लोगों ने आकर उसकी टैक्सी को घेर लिया। इन तीनों बदमाशों की उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। इन लोगों ने पहले टैक्सी सवार महिला से भीख मांगी और महिला ने उन्हें 200 रुपये दे दिए। लेकिन तभी उनमें से एक बदमाश महिला की बीच वाली उंगली में पहनी हुए हीरे और सोने की अंगूठी छीन कर भाग गया।
महिला ने तुरंत अपनी अंगूठी चोरी होने की शिकायत मोती नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरु की। थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर वरुण दलाल और एसीपी विजय सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरु की गई। जांच के दौरान घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरा के फूटेज भी खंगाले गए।
सीसीटीवी कैमरा की जांच में तीनों संदिग्ध एक ऑटो में भागते नजर आए। इसके बाद ऑटो के रजिस्टर्ड मालिक का पता लगाया गया, जिसने पुलिस को बताया कि उसने विनोद कामत नाम के एक व्यक्ति को अपना ऑटो किराए पर दे रखा है। इसके साथ ऑटो मालिक ने पुलिस को विनोद के नंबर भी दिए। इसके बाद मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने अशोक पार्क मेट्रो स्टेशन के पास से विनोद को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान विनोद ने न सिर्फ अपना जुर्म कबूल किया बल्कि वह पुलिस को अपने साथी कबीर और बिरजू तक भी ले गया।
पंजाबी बाग से इन दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा और फिर तीनों बदमाशों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने चोरी की गई अंगूठी को जीबीटी नगर के गुरचरण सिंह की दुकान पर 26,000 रुपये में बेचा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरचरण की दुकान पर छापा मारा और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने अंगूठी को खरीद कर पिघला दिया था। बाद में उसने पुलिस ने पिघला हुआ सोना और हीरे के 61 छोटे टुकड़ों सौंप दिए।