
Chinese Cyber Crime Network: राजधानी की पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो न सिर्फ आम लोगों का पैसा हड़प रहा था बल्कि उसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेश भेज रहा था। दिल्ली पुलिस के अनुसार इस गिरोह के सदस्य एक चीनी नागरिक से संपर्क में थे और केरल के दो क्षेत्रीय बैंकों के खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पांच बैंकर शामिल हैं। यह कार्रवाई उन बढ़ते मामलों की कड़ी है, जहां विदेशी हैंडलर भारतीय सहयोगियों के जरिए म्यूल अकाउंट्स चलाकर करोड़ों की ठगी कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस बड़े खुलासे की जानकारी दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी गिरोह फर्जी तरीके से बैंक खाते खोलकर या मौजूदा खातों का दुरुपयोग करके पीड़ितों से पैसा निकालता था। फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दिया जाता था। इस पूरे खेल में एक चीनी नागरिक से सीधा संपर्क होने के सबूत मिले हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार जांच में केरल के दो क्षेत्रीय बैंकों का नाम भी सामने आया है, जिनके खातों का इस्तेमाल सिंडिकेट कर रहा था।
गिरफ्तार किए गए छह लोगों में पांच बैंकर हैं। ये बैंकर या तो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाने में मदद करते थे या ट्रांजेक्शन को आसान बनाने के लिए अंदरूनी जानकारी देते थे। पुलिस ने मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें कमीशन के रूप में पैसा मिलता था और आदेश टेलीग्राम जैसे ऐप के जरिए आते थे।
यह मामला अकेला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कई ऐसे गिरोह पकड़े हैं, जिनमें चीनी हैंडलर भारतीय म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे थे। क्रिप्टोकरेंसी, खासकर यूएसडीटी, ठगों का पसंदीदा जरिया बन चुका है क्योंकि इससे पैसा ट्रैक करना मुश्किल होता है। केरल में भी पहले कई मामलों में स्थानीय बैंक खातों का दुरुपयोग सामने आया है। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर रोज हजारों शिकायतें दर्ज होती हैं, जिनमें निवेश फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और लोन ऐप स्कैम शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकरों की संलिप्तता इन मामलों को और खतरनाक बनाती है क्योंकि इससे सिस्टम के अंदर से सुरक्षा दीवारें टूट जाती हैं। दिल्ली पुलिस अब केरल के उन बैंकों से संपर्क कर रही है और चीनी नागरिक की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि अजनबी कॉल या मैसेज पर कभी बैंक डिटेल या ओटीपी न दें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन तुरंत रिपोर्ट करें।