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दिल्ली सरकार की शराब से बंपर कमाई, जानिए दूध से हुआ कितना फायदा

Delhi Liquor Sales: दिल्ली सरकार ने शराब पर कर से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, जबकि दूध और दुग्ध उत्पादों से केवल 210 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

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Mar 29, 2025

Delhi Liquor Sales: देश की राजधानी दिल्ली में शराब नीति का मामला काफी सुर्खियों में छाया हुआ था। इस मामले को लेकर पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार पर कई आरोप लगे थे। हालांकि अब शराब की बिक्री से दिल्‍ली सरकार को बंपर कमाई हो रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिल्ली सरकार ने शराब पर कर से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, जबकि दूध और दुग्ध उत्पादों से केवल 210 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। दिल्ली सरकार ने शनिवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।

शराब से 5,068.92 करोड़ की कमाई

दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायक अभय वर्मा के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में शराब की बिक्री पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) और मूल्य वर्धित कर (वैट) से कुल 5,068.92 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। वहीं, दूध और दुग्ध उत्पादों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से सरकार को केवल 209.9 करोड़ रुपये की कमाई हुई। पेश किए गए ये आंकड़े फरवरी तक के हैं।

शराब घोटाले की वजह से हारी आप पार्टी

यह सवाल ऐसे समय में आया है जब बीजेपी AAP पर कथित शराब नीति घोटाले को लेकर लगातार हमलावर है। इस घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया समेत कई AAP नेता जेल गए थे। इस मुद्दे को दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार के एक प्रमुख कारण के रूप में भी देखा जा रहा है।

जानें दूध से हुआ कितना राजस्व प्राप्त

दिल्ली सरकार को 2024-25 में दूध की बिक्री से सिर्फ 210 करोड़ रुपये मिले, जबकि 2023-24 में दूध से 300 करोड़ रुपये और 2022-23 में 365 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

शराब पर टैक्स से लगातार बड़ी कमाई

नवनिर्वाचित रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने विधानसभा में बताया कि दिल्ली सरकार ने शराब पर कर से 2023-24 में 5,164 करोड़ रुपये, 2022-23 में 5,547 करोड़ रुपये और 2021-22 में 5,487 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया था।

हर दिन बिकी 6 लाख लीटर शराब

2023-24 में दिल्ली में कुल 21.27 करोड़ लीटर शराब बिकी, यानी हर दिन औसतन 5.82 लाख लीटर। वहीं, 2022-23 में यह आंकड़ा 25.84 करोड़ लीटर था। AAP का दावा था कि नई शराब नीति का उद्देश्य काला बाजारी को रोकना, सरकार के राजस्व को बढ़ाना और ग्राहकों के लिए अनुभव को बेहतर बनाना था। हालांकि, अगले ही साल दिल्ली के मुख्य सचिव ने इस नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे।

Updated on:
29 Mar 2025 10:03 pm
Published on:
29 Mar 2025 08:18 pm
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