
Raju Singh Celebratory firing death case: बिहार के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री डॉ. राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। यह राहत 2018 में नए साल के जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी चार साल की जेल की सजा को फिलहाल रोकते हुए उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, उनकी उनकी कनविक्शन पर अभी रोक नहीं लगाई गई है। कोर्ट ने यह सजा इसलिए रोकी क्योंकि अपील पर अंतिम सुनवाई के निकट भविष्य में पूरी होने की संभावना कम है।
ट्रायल कोर्ट द्वारा चार साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद राजू सिंह ने निचली अदालत के फैसले और सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट 11 अगस्त 2026 को उनकी कनविक्शन पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई करेगा।
यह घटना 31 दिसंबर, 2018 की रात दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हुई थी। जश्न के दौरान चली एक गोली 42 वर्षीय आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता के सिर में लगी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फार्महाउस से भाग गया और घटनास्थल को धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इसके बाद, दिल्ली पुलिस ने राजू सिंह और उनके ड्राइवर को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार किया।
दिल्ली की स्पेशल MP-MLA कोर्ट (राउज एवेन्यू कोर्ट) के स्पेशल जज विशाल गोगने ने राजू सिंह को IPC की धारा 304 (भाग II) के तहत गैर-इरादतन हत्या के लिए चार साल की साधारण कैद और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के लिए दो महीने की अतिरिक्त सज़ा सुनाई थी। इसके साथ ही उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
सुनवाई के दौरान, ट्रायल कोर्ट ने सत्ता के अहंकार, VIP कल्चर और गन कल्चर की कड़ी आलोचना की थी। कोर्ट ने इस मामले में राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह समेत तीन अन्य सह-आरोपियों को बरी कर दिया था।