
India Bloc Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कथित तौर पर वोटों की चोरी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक एक रैली कर रहा है। इस रैली में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव हजारों साधु-संतों के साथ मार्च करते हुए पहुंचे। मिंटो रोड से शुरू हुए इस पैदल मार्च में भगवा वस्त्रधारी संतों के साथ-साथ बिहार और मध्य प्रदेश से आए हजारों कार्यकर्ता झंडे और तख्तियां लेकर रामलीला मैदान की ओर बढ़े। मार्च में पप्पू यादव के साथ मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा भी मौजूद थे।
मार्च करते हुए सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि लगभग 10,000 साधु और बिहार से 20,000 से अधिक लोग इस आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठे लोग खुद को धर्म का रक्षक बताते हैं, लेकिन असल में यह वोट चोरी और चंदा चोरी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए सिर्फ सनातन के नाम का इस्तेमाल करते हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर देश की नई पीढ़ी यानी युवा, Gen Z, Gen Alpha और पूज्य संत समाज एक साथ मिलकर लोकतंत्र पर हो रहे हमलों के खिलाफ सड़कों पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता करने के लिए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
मार्च में शामिल हुए कंप्यूटर बाबा'ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रक्रिया ही खतरे में हो, तो समाज का कोई भी वर्ग चुप नहीं रह सकता। उन्होंने आगे कहा कि आज स्थिति यह बन चुकी है कि आम जनता के साथ-साथ संतों तक के वोट सुरक्षित नहीं रह गए हैं। अगर संतों को वोट डालने से रोका जाएगा और उनकी वोट की चोरी होगी, तो साधु समाज के पास सड़कों पर उतरने के सिवा क्या विकल्प बचता है।
कंप्यूटर बाबा ने बताया कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए नारे 'वोट चोर, गद्दी छोड़' के समर्थन में देश भर से साधु रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए संत समाज युवाओं और विपक्षी दलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा, जब तक कि चुनाव प्रणाली में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो जाती।