
Delhi effigy burning: दशहरा के जश्न के बीच, खुद को "लाल हिट जनता पार्टी" का सदस्य बताने वाले कुछ लोगों ने पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार-चित्र विहार रेड लाइट पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के पुतले जलाए।
इन पुतलों में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और प्रकाश राज, तथा यूट्यूबर ध्रुव राठी शामिल हैं।
लाल हिट जनता पार्टी" के एक सदस्य ने कहा कि, ये सभी लोग 'राष्ट्र-विरोधी' हैं। इनका लोकतंत्र, मुख्य चुनाव आयोग, पुलिस, भारत के मुख्य न्यायाधीश या किसी भी सरकारी संस्था पर कोई भरोसा नहीं है। ये चाहते हैं कि देश केवल विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के जरिए चले। ये लोग 'सत्ता परिवर्तन' की सनक में इस कदर पागल हो गए हैं कि किसी भी तरह सत्ता हथियाकर प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस आयुक्त के पास श्री केशव रामलीला समिति (NSP, पीतमपुरा) के आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस समिति के अध्यक्ष और BJP विधायक अशोक गोयल, तथा दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा पर आरोप है कि वे दशहरा के मौके पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ एक 'कॉकरोच' का पुतला भी जलाया।
'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, भारद्वाज ने आयोजकों पर "जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, पवित्र हिंदू परंपराओं को बदलने और समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने की कोशिश करने" का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस "आपत्तिजनक सामग्री" को तुरंत हटाने की भी मांग की। उन्होंने कहा, "मैंने FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।" पुतले बनाने वाले कारीगर शाहवेज खान ने बताया कि उनका परिवार उनके दादा और परदादा के समय से ही पुतले बनाता आ रहा है।
इससे पहले, श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि घरों, आस-पड़ोस और पूरे समाज से "गंदगी को खत्म करने की ज़रूरत" पर ज़ोर दिया जा सके।
ANI से बात करते हुए देवराहा ने कहा कि पूरे देश में विजयादशमी का त्योहार बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह असत्य पर सत्य, बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। हज़ारों सालों से हम रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाते आ रहे हैं, इससे यह संदेश मिलता है कि अंत में हमेशा सत्य की ही जीत होती है।