
Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में हुए विपक्षी दलों के प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर से अब तक 27 FIR दर्ज की हैं। इन मामलों में सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, आदेश की अवहेलना करने और महिलाओं के खिलाफ कथित दुर्व्यवहार समेत कई आरोप लगाए गए हैं। कम से कम चार धाराएं गैर-जमानती अपराधों से संबंधित हैं। पिछले कुछ दिनों में राजधानी में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध तेज हुआ है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर हाल में सामने आई एक रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर मनमाने फैसले लेने के आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि तीन सदस्यीय आयोग के दो अन्य सदस्यों की असहमति के बावजूद फैसले लिए गए।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ छह पुलिस थानों में 27 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें 22 मामलों में साझा मंशा से अपराध करने से संबंधित प्रावधान लगाया गया है, जबकि 18 FIR में लोक सेवक की ओर से जारी आदेश की अवहेलना करने का आरोप है। इसके अलावा कई FIR में लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और उन पर हमला करने या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने से संबंधित आरोप शामिल हैं। कुछ मामलों में महिलाओं पर हमला करने या उनके खिलाफ आपराधिक बल के इस्तेमाल और यौन उत्पीड़न से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं। इन मामलों में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। FIR में नाम होने या आरोप लगाए जाने का मतलब अपराध साबित होना नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के खिलाफ दो दिन तक चले प्रदर्शनों के दौरान सरकारी कर्मचारियों के काम में कथित बाधा डालने के आरोप में कम से कम पांच FIR दर्ज की गई हैं। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के कई अन्य नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम भी FIR में शामिल किए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर जारी विवाद के बीच हो रहा है। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े उल्लंघनों को लेकर मामले दर्ज किए हैं।