
Congress Rally Delhi: दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए कानून-व्यवस्था के नजरिए से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी कर दिया है। हालांकि, इसके लिए जमीन के मालिक प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेना और कई शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। इन शर्तों में रैली का शाम 5 बजे तक समाप्त होना और कार्यक्रम स्थल पर रात रुकने पर प्रतिबंध शामिल है।
केंद्रीय जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय ने एक पत्र के जरिए पार्टी मुख्यालय के प्रभारी और कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य मनीष चतरथ को सूचित किया कि 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान बुक करने के अनुरोध पर विचार किया गया है। यह रैली 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जानी है।
इससे पहले दिन में, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के उस विरोध प्रदर्शन की तैयारियों को रोक दिया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जाना था। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर था।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम की तैयारियों में पुलिस का दखल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान का उपयोग करने की अनुमति मिल गई थी, लेकिन सप्ताहांत पर पुलिसकर्मियों ने वहां चल रहे बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के काम को रोक दिया।
दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि रैली 1 नवंबर को शाम 5 बजे तक समाप्त हो जाए, जिसके तुरंत बाद लोगों का वहां से जाना शुरू हो जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कार्यक्रम का समय नहीं बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, रैली से पहले या बाद में रामलीला मैदान में किसी के भी रात रुकने पर रोक लगा दी गई है।
स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), कमला मार्केट के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) या ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। इसके अलावा, रामलीला मैदान के अलावा किसी अन्य जगह की ओर मार्च करने की अनुमति नहीं होगी।