
इन दिनों दिल्ली जहर (Delhi Pollution) उगल रही है। दिल्ली का AQI लेवल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 15 नवंबर 2024 से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर दिया है। इसी के साथ सरकार की तरफ से बच्चों के लिए बड़ा कदम उठाया गया। इसके चलते सरकार ने पांचवी तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था कर दी है। आइए जानते है आखिर ग्रैप-3 क्या होता है और इसके लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में क्या-क्या काम नहीं होंगे?
Delhi-NCR में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) तैयार किया गया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ग्रैप के तहत कुछ पाबंदियां लगाई जाती हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) जब 200 के पार चला जाता है तो ग्रैप का पहला चरण लागू किया जाता है। इसके बाद जब एक्यूआई 300 के पार जाता है तो दूसरा चरण और जब एक्यूआई 400 के पार चला जाता है तो ग्रैप 3 लागू किया जाता है। ग्रैप 3 लागू होने पर कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा दिया जाता है। इतना ही तोड़फोड़ और सार्वजनिक गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दी जाती है।
अगर आपको को भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि Grap के लागू होने पर कौन-कौन से कार्यों पर रोक लगाई जाती है। आपको बता दें की Grap 3 के लागू किए जाने पर सड़कों पर मशीनीकृत सफाई पर ज्यादा गौर किया जाता है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में धूल को दबाने के लिए पानी का छिड़काव किया जाता है और लैंडफिल साइटों पर अधिक ध्यान रखा जाता है। इस टाइम पर मेट्रो की फ्रीक्वेंसी को बढ़ा दिया जाएगा। निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर सख्ती बरती जाएगी। ऐसे किस भी कामों पर प्रतिबंध रहेगा, जिनसे धूल निकलती होगी। पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर का संचालन भी बंद रहेगा। साथ ही खनन संबंधित गतिविधियां बंद की जाएगी।
बढ़ते pollution को रोखने के लिए उठाए गए इस कदम से सभी को आस है की इससे कहीं न कहीं AQI में फर्क देखने को मिलेगा। पर इसका असर बाजारों में भी देखने को मिलेगा। दिल्ली में बाहर से आने वाले डीजल वाहनों पर प्रतिबंध के कारण आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसी कारण से वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी भी हो सकती है। बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ सकता है।