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“नारी को नारा बना रही है भाजपा” अखिलेश यादव ने लोकसभा में सरकार पर जमकर किया हमला

Delimitation Bill 2026: संसद के विशेष सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई, जहां महिला आरक्षण और मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखे। कांग्रेस और सपा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि अमित शाह ने धर्म आधारित आरक्षण को असंवैधानिक बताया।
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Updated: 16 Apr 2026, 3:24 PM IST
Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav

Delimitation Row India: संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल यानी गुरुवार से शुरू हो गया। पहले से यह तय था कि तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। संसद में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए गए। इसका मकसद 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून को लागू करना और लोकसभा में सांसदों की संख्या को बढ़ाकर 850 करना है। संसद का विशेष सत्र शुरू होते ही माहौल गरमा गया। जैसे ही सरकार की तरफ से बिल पेश किया गया, विपक्ष ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया।

विपक्ष ने किया हंगामा


कांग्रेस ने सबसे पहले सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि सरकार इस बिल के जरिए संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ करना चाहती है। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने मुद्दे को एक अलग दिशा दी। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम महिलाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया, तो ऐसे आरक्षण का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के खिलाफ है और ऐसा करना संभव नहीं है। इस बयान के बाद सदन में बहस और तेज हो गई।

अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर बरसे


समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी, यानी महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन सवाल ये है कि मुस्लिम महिलाओं का क्या होगा। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर सरकार सच में महिलाओं के हक में है, तो हर वर्ग की महिलाओं को बराबरी से शामिल करना चाहिए। अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को इतनी चिंता है, तो वे अपने चुनावी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकते हैं, इसमें सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।

नारी को नारा बना रही है भाजपा-अखिलेश


सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नारी का नारा(स्लोगन) बनाना चाहती है। उनका कहना था कि भाजपा अपने फायदे और प्रचार-प्रसार के लिए नारी का नारे के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को सबसे ज्यादा आरक्षण देने का काम उनकी पार्टी ने किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी जल्दबाजी में यह सब इसलिए कर रही है ताकि जनगणना, खासकर जातीय जनगणना को टाला जा सके।

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16 Apr 2026, 3:24 PM IST
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