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TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचे, कैमैक स्ट्रीट मामले में पुलिस ने भेजा था नोटिस

Abhishek Banerjee: कोलकाता के कामाक स्ट्रीट होर्डिंग विवाद में TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचे। पुलिस ने अभिषेक बनर्जी समेत अन्य नेताओं पर FIR दर्ज की है। जानिए क्या है पूरा मामला...
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Updated: 2 Sep 2026, 11:51 AM IST
hakespeare Sarani Police Station, Camac Street Case
कैमैक स्ट्रीट विवाद में टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन पहुंचे पुलिस स्टेशन (फोटो सोर्स- ANI)

Trinamool Congress: पश्चिम बंगाल में एक होर्डिंग हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। कोलकाता के कामाक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय पर हुई घटना के सिलसिले में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में डेरेक ओ'ब्रायन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत अन्य नेताओं को नोटिस जारी कर तलब किया था।

क्या है मामला और क्यों दर्ज हुई एफआईआर?

पूरा विवाद 27 अगस्त का है, जब कोलकाता नगर निगम (KMC) की टीम पुलिस बल के साथ कामाक स्ट्रीट स्थित 9 नंबर परिसर में लगे एक अनधिकृत साइनबोर्ड को हटाने पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि केएमसी ने इस कार्रवाई के लिए उनसे लिखित सहायता मांगी थी। इस कार्रवाई के दौरान आरोप है कि टीएमसी नेताओं और उनके समर्थकों ने प्रशासनिक कार्य में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों के साथ बहस व धक्का-मुक्की की।

घटना के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने डेरेक ओ'ब्रायन, अभिषेक बनर्जी, वैश्वानर चटर्जी, एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2) (दंगा करना), 191(3) (घातक हथियार से लैस होकर उपद्रव), 190 (अवैध सभा), 121(1) (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 74 (महिला पर हमला) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया है।

TMC का पलटवार, 'यह राजनीति और पैसों की बर्बादी है'

इस कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस और पुलिस आमने-सामने आ गई है और टीएमसी नेताओं ने पूरी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। पुलिस स्टेशन जाने से पहले डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर तंज कसते हुए इसे एक हास्यास्पद मिशन करार दिया। उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल करके इतने सारे पुलिसकर्मियों को सिर्फ एक राजनीतिक दल का साइनबोर्ड हटाने के लिए भेज दिया गया।

इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में पुलिस की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने पूछा कि किसी साइनबोर्ड को हटाने के लिए इतनी भारी संख्या में पुलिस बल भेजने की क्या जरूरत थी। टीएमसी का आरोप है कि मौके पर मौजूद कई पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे, जिनके पास कोई पहचान पत्र या बैज तक नहीं था, फिर भी वे लाठियां और हेलमेट पहने हुए परिसर में घुस आए थे।

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2 Sep 2026, 11:51 AM IST
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