
Devendra Nath Mahato: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रांची के सदर अस्पताल में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराए गए महतो ने आरोप लगाया कि रात के समय संदिग्ध और अनजान लोग बिना किसी रोक-टोक के अस्पताल परिसर में घूमते रहते हैं, जिससे उन पर और उनके साथ मौजूद समर्थकों पर हमले का लगातार डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि वे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें और छात्रों के हित में सार्थक बातचीत के जरिए कोई ठोस कानूनी समाधान निकालें।
देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद लचर बताया। उन्होंने कहा कि रात में अनजान लोग अक्सर वार्ड के आसपास आते-जाते और घूमते रहते हैं और अस्पताल में आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछली रात वार्ड में मौजूद सभी लोग इस बात से डरे हुए थे कि कोई अंदर घुसकर हमला कर सकता है। छात्र नेता ने कहा कि छात्र आंदोलन अभी एक अहम और संवेदनशील मोड़ पर है। इसलिए, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता और निगरानी जरूरी है।
आंदोलन को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वे एक सार्थक, सकारात्मक और सफल बातचीत चाहते हैं, ताकि छात्रों की शिकायतों का स्थायी समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उन मुश्किलों और मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े, जिनसे अभी के छात्र जूझ रहे हैं। सरकार से गारंटी की मांग करते हुए उन्होंने राज्य में भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सबसे कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने का आग्रह किया।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जो भी व्यक्ति पेपर लीक जैसी धांधली करने की हिम्मत करे, उसके लिए आजीवन कारावास की सजा तय हो। इसके लिए सरकार को चाहे विधानसभा में विशेष विधेयक लाना पड़े या संवैधानिक संशोधन की दिशा में कदम बढ़ाना पड़े, ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि किसी भी बच्चे को अपने भविष्य और हक के लिए इस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर अनशन या आंदोलन न करना पड़े।