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इस्तीफे के बाद संसद के गेट पर हुआ धर्मेंद्र प्रधान का जोरदार स्वागत, मिथिला पाग पहना कर सदन ले गए NDA नेता

इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का NDA सांसदों ने मिथिला पाग पहनाकर किया जोरदार स्वागत। जानें क्यों दिया गया यह खास सम्मान...
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Jul 27, 2026
Dharmendra Pradhan Resignation
धर्मेंद्र प्रधान (File Photo: Patrika)

Dharmendra Pradhan welcomed at Parliament: आज संसद के मकर द्वार पर बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान का NDA के साथी सांसदों ने जोरदार स्वागत किया। इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचने पर उन्हें NDA के सांसदों ने पाग पहनाया और सदन के भीतर ले गए। बिहार के दरभंगा से सांसद गोपाल जी ठाकुर ने मिथिला पाग पहनाया और शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।

NDA ने क्यों किया गर्मजोशी से स्वागत?

माना जा रहा है कि NDA ने इस स्वागत के जरिए यह बताने की कोशिश की कि धर्मेंद्र प्रधान ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया। उनके इस फैसले के साथ NDA और मोदी सरकार पूरी तरह से खड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया। वहीं, इस स्वागत के जरिए सरकार ये संदेश देना चाहती है कि वह धर्मेंद्र प्रधान के साथ पूरी तरह से खड़ी है। उनका इस्तीफा किसी दवाब या असंतोष का परिणाम नहीं था।

धर्मेंद्र प्रधान से मिलने पहुंचे थे

शनिवार को जब धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था, तब गृह मंत्री अमित शाह, उद्योग व वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके घर जाकर मुलाकात की थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी।

इस्तीफा में युवाओं के नाम संदेश

धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम लिखे पत्र में स्पष्ट कहा था कि छात्रों के धरना-प्रदर्शन का राष्ट्र विरोधी ताकतें कोई फायदा न उठाएं, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया। उन्होंने बताया था कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी उन्होंने पहले दिन से ही ली थी और जो भी संभव था, उसके लिए कदम उठाए। नीट परीक्षा दोबारा करवाई गई और नतीजे जल्द घोषित कराए गए।

संसद में पेश हुआ परीक्षा बिल

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 को लेकर आज संसद में 10 घंटे चर्चा होगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस बिल को सदन में पेश किया। यह बिल 2024 में बने लोक परीक्षा कानून में संशोधन करेगा। सरकार पहले ही इस बारे में अधिसूचना जारी कर चुकी है। इस संशोधन बिल का मकसद परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाना है, साथ ही छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रखना है। नए कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और उनकी संपत्ति जब्त करने जैसे सख्त नियम रखे गए हैं। इसके अलावा एक ऐसा सिस्टम भी बनाया जाएगा जिससे तीन महीने के भीतर फैसला आ जाए।

Updated on:
27 Jul 2026 12:26 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:26 pm