लोकसभा का नियम 349 सदन में सदस्यों द्वारा पालन किए जाने वाले मानदंडों को निर्धारित करता है। इस नियम के मुताबिक कोई भी सदस्य सदन के कार्य के अलावा किसी भी पुस्तक, समाचार पत्र या पत्र को नहीं पढ़ेगा।
Parliament session 2026: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर सोमवार को संसद में हंगामा मच गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व सेना प्रमुख मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र किया, जिस पर बवाल मच गया। इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस सांसद के बयान पर आपत्ति जताई।
वहीं अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से लोकसभा के नियम 349 का हवाला देते हुए कई बार अपील की कि वह सदन में किसी किताब को उद्धृत नहीं कर सकते। हालांकि राहुल गांधी ने आर्टिकल का उल्लेख किया।
लोकसभा का नियम 349 सदन में सदस्यों द्वारा पालन किए जाने वाले मानदंडों को निर्धारित करता है। इस नियम के मुताबिक कोई भी सदस्य सदन के कार्य के अलावा किसी भी पुस्तक, समाचार पत्र या पत्र को नहीं पढ़ेगा।
इस नियम के तहत लोकसभा के सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन के भीतर:
सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख की किताब का जिक्र करते हुए कहा कि डोकलाम में भारतीय सीमा के पास चीनी टैंक हैं। इस पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई।
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को बीच में ही रोक दिया और पूछा कि क्या पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है और तर्क दिया कि अप्रकाशित कृति से उद्धरण देना अनुचित है। सिंह ने कांग्रेस सांसद गांधी से पुस्तक की एक प्रति प्रस्तुत करने को भी कहा।
लोकसभा में एलओपी राहुल गांधी के संसद में दिए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह सेना को बदनाम करने की कोशिश नहीं कर रहे थे। वह आर्मी चीफ की किताब का एक हिस्सा पढ़ रहे थे। वे (BJP) हमेशा यही कहते हैं जब भी कुछ ऐसा सामने आता है जिसे वे छिपाना चाहते हैं।
सदन के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं। मुझे सिर्फ 2-3 लाइनें बोलनी हैं। यह नेशनल सिक्योरिटी का मामला है। ये आर्मी चीफ के शब्द हैं, और यह राजनाथ सिंह और PM मोदी के साथ उनकी बातचीत है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मैं सदन में कहना चाहता हूं कि आर्मी चीफ ने क्या लिखा है और राजनाथ सिंह और PM मोदी ने उन्हें क्या ऑर्डर दिए हैं।