
Mamata Banerjee News: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई हैवानियत और हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सड़क पर उतरी और उन्होंने एक कैंडललाइट मार्च निकाला। लेकिन अब इस मार्च को लेकर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के इस कदम पर तीखा हमला बोला है। दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के आंदोलन को 'रास्ते का ड्रामा' बताते हुए कहा कि उन्हें विकास करना आता ही नहीं है, वे केवल आंदोलन की राजनीति जानती हैं।
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि लोगों ने ममता बनर्जी को विपक्ष में बैठने का मौका दिया है। वह इतनी पॉपुलर लीडर हैं जो अपने दम पर नहीं जीत सकती थीं। अब वह सड़कों पर ड्रामा कर रही हैं। आप विपक्ष में हैं। आपको पता है कि प्रोटेस्ट कैसे करना है, आपने पूरी ज़िंदगी यही किया है।
उन्होंने आगे कहा कि आपको डेवलपमेंट के बारे में कुछ नहीं पता। उनके राज में हज़ारों रेप और मर्डर हुए हैं, क्या आपने कभी उन्हें इनके लिए सड़कों पर देखा है? किसी विक्टिम के घर जाकर दुख जताते हुए? नहीं, आपने ऐसा नहीं देखा।
बता दें कि बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से न्याय दिलाने की मांग की।
दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास से ममता बनर्जी ने कैंडल मार्च शुरू किया। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय बलों ने प्रदर्शन को बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की थी। लेकिन टीएमसी नेताओं ने बैरिकेडिंग को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, इस दौरान कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हालात को नियंत्रित रखा और किसी बड़े टकराव की नौबत नहीं आने दी।
इस प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी के साथ टीएमसी की कई महिला नेता भी शामिल हुईं। सांसद डोला सेन, प्रतिमा मंडल और अपरूपा पोद्दार हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। टीएमसी नेताओं ने जस्टिस फॉर बारुईपुर के नारे लगाए।