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संसद में पेपर लीक तक छिड़ी बहस, अखिलेश यादव बोले, इमरजेंसी में नहीं- इस बार छात्रों पर छोड़ा करंट

Lok Sabha Debate: लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा जारी है। चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन में सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किए।
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Paper Leak Bill
Lok Sabha Debate, photo- ANI

Lok Sabha Debate: लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा जारी है। चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन में सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किए। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा के दौरान विपक्ष को देश में पूर्व में लगी इमरजेंसी की याद दिलाते हुए कहा कि छात्रों की बात सुनकर संशोधन बिल लाना क्या गलत है।

इमजेंसी जैसे हालात पैदा करना क्या ठीक है?

लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूूं छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार छात्रों की बात सुनने के बाद संसद में एक बिल लाई। क्या यह अच्छा है या फिर आंदोलन को कुचल देना और देश में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा करना बेहतर है? विपक्ष को इसका जवाब देना होगा।

इमरजेंसी में जो हुआ हमने राजधानी में देखा

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा के दौरान कहा कि, मैंने इमरजेंसी नहीं देखी है, लेकिन इमरजेंसी के दौरान जो हुआ था, वह सब हमने अब देश की राजधानी दिल्ली में भी बीते दिनों देखा है। छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, कीलें और नुकीली चीजें लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया।

उस समय बिजली के करंट का इस्तेमाल नहीं हुआ था, लेकिन इस बार हुआ। तो यह इमरजेंसी जैसा ही हमला है। यह उससे कम नहीं है। आप इमरजेंसी के दौरान हुई घटनाओं से कम अन्याय नहीं कर रहे हैं।

परिवर्तन तब भी हुआ, अब भी होगा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा कि इमरजेंसी के बाद देश में तब भी परिवर्तन हुआ था और अब भी होगा। उन्होने कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि कहीं यही नौजवान हमारे लिए आपदा न बन जाएं। शिक्षा सच्ची होगी, तो तरक्की भी पक्की होगी, जो बिल लेकर आए हैं, बिल तो 2024 में भी लेकर आए थे।

20024 में लाए बिल, फिर पेपर लीक क्यों हुए

सरकार 2024 में भी पेपर लीक रोकने के लिए बिल लाई थी। जिसके बाद भी पेपर लीक क्यों हुए। सरकार को संशोधन बिल लेकर क्यों आना पड़ा। इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सांसद अखिलेश यादव को टोकते हुए कहा कि, आप ये बता दीजिए कि आंदोलन के बाद बिल लेकर आना अच्छा है या आंदोलन को कुचलने के लिए इमरजेंसी लगा देना अच्छा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि हमने इमरजेंसी नहीं देखी है, लेकिन ठीक वैसे ही हालात दिल्ली में देखे हैं। दिल्ली में जो हुआ, वह भी इमरजेंसी से कम नहीं था। अगर इमरजेंसी याद आ गई है इनको, तो इमरजेंसी के बाद भी परिवर्तन हुआ था और इस बार भी परिवर्तन होगा।

Updated on:
28 Jul 2026 04:47 pm
Published on:
28 Jul 2026 04:47 pm
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