राष्ट्रीय

कर्नाटक में विभागों के बंटवारे पर घमासान, दिल्ली में आलाकमान से मिलेंगे सीएम डीके शिवकुमार

कर्नाटक में कैबिनेट विभागों के बंटवारे को लेकर जारी घमासान के बीच मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली जाकर कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करेंगे। मानसून सत्र से पहले पार्टी में एकजुटता बनाने की कोशिश तेज हो गई है।
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Aug 08, 2026
DK Shivakumar
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (Photo-IANS)

बेंगलुरु। कर्नाटक में कैबिनेट पोर्टफोलियो को लेकर मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। वे कांग्रेस आलाकमान से मिलकर विभागों के बंटवारे पर चल रही खींचतान को सुलझाने की कोशिश करेंगे। विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त से शुरू होने वाला है। उससे पहले पार्टी के अंदर एकजुटता दिखाना सरकार के लिए जरूरी हो गया है।

सिद्दारमैया के आवास पर बंद कमरे में बैठक

दिल्ली जाने से पहले शुक्रवार देर रात सीएम डीके शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सिद्दारमैया से उनके बेंगलुरु आवास पर मुलाकात की। दोनों ने बंद कमरे में बातचीत की। सूत्रों के अनुसार चर्चा का मकसद नाराज वरिष्ठ नेताओं को मनाना और सत्र से पहले पार्टी को एकजुट करना था। सीएम को उम्मीद है कि आलाकमान के हस्तक्षेप से मतभेद खत्म होंगे और सरकार विपक्ष का सामना एकजुट होकर कर पाएगी।

लिंगायत को 7 पद, इन विभागों की सबसे ज्यादा मांग

कैबिनेट में विभागों के बंटवारे को लेकर विधायकों में नाराजगी है। खासकर विभिन्न सामाजिक समूहों के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा हो रही है। लिंगायत समुदाय को सात कैबिनेट पद मिले हैं, जिससे पार्टी के भीतर संतुलन को लेकर बात हो रही है। सोशल वेलफेयर, लेबर, हायर एजुकेशन और एक्साइज जैसे अहम विभागों की मांग सबसे ज्यादा है। मुख्यमंत्री पर वरिष्ठ नेताओं को मनाने का दबाव तब और बढ़ गया जब सात बार के विधायक टी बी जयचंद्र ने नाराजगी जताई। सिद्दारमैया से मिलने के बाद सीएम शिवकुमार सीधे टी बी जयचंद्र के घर पहुंचे।

जयचंद्र के घर पहुंचे सीएम, नाराजगी हुई दूर

टीबी जयचंद्र ने धमकी दी थी कि वे सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों से अलग बैठेंगे। उन्हें विभागों के बंटवारे के तरीके पर आपत्ति थी। सीएम शिवकुमार का जयचंद्र से पुराना संबंध है। मुलाकात के बाद शिवकुमार ने कहा कि जयचंद्र प्रोटेम स्पीकर हैं और मुख्यमंत्री होने के नाते वे उनके दफ्तर या घर जा सकते हैं। उन्होंने इसे दोस्ती का नाता भी बताया और भविष्य की रणनीति पर मार्गदर्शन मांगा।

टी बी जयचंद्र ने कहा कि मामला अब सुलझ गया है। मैं दफ्तर जाऊंगा और काम शुरू करूंगा। यह संवैधानिक जिम्मेदारी है। अगर मैं अपना कर्तव्य नहीं निभाऊंगा तो मुझे कायर कहा जाएगा। क्षेत्रीय लोगों के दबाव में उन्होंने अपनी बात रखी थी, लेकिन कोई फैसला नहीं किया था।

सुरजेवाला से मिले असंतुष्ट पूर्व मंत्री महादेवप्पा

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता एच.सी. महादेवप्पा भी पोर्टफोलियो को लेकर असंतुष्ट हैं। वे सिद्दारमैया के करीबी माने जाते हैं। महादेवप्पा दिल्ली जाकर कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला से मिले। सूत्रों के मुताबिक सुरजेवाला ने उनकी बात सुनी और भरोसा दिया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है।

Updated on:
08 Aug 2026 02:23 pm
Published on:
08 Aug 2026 02:23 pm
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