Karnataka Politics: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ हो गई है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार 3 जून को राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद यह बदलाव हो रहा है, जबकि नई सरकार और मंत्रिमंडल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।
DK Shivakumar Karnataka Chief Minister: कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 3 जून को कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन ग्लास हाउस में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, मंत्रियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।
64 वर्षीय डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही सत्ता साझेदारी की चर्चाओं का परिणाम माना जा रहा है। यह फैसला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद सामने आया है, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद पद छोड़ने का निर्णय लिया।
गुरुवार को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर सत्ता हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त कर दिया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इससे पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ हुई बैठक में संकेत दिया था कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के अनुसार डीके शिवकुमार अब राज्य की कमान संभालेंगे।
कांग्रेस के भीतर 2023 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा जारी थी। उस समय भी डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया को जिम्मेदारी सौंपी थी।
सूत्रों के अनुसार डीके शिवकुमार को शनिवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। शपथ ग्रहण से पहले मंत्रिमंडल गठन और विभागों के बंटवारे को लेकर भी कांग्रेस नेतृत्व लगातार बैठकों में जुटा हुआ है।
नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कई दौर की अहम बैठकें हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ विस्तार से चर्चा की। इन बैठकों के बाद ही नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम सहमति बनी।
सूत्रों के मुताबिक डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कई मौजूदा मंत्रियों को भी बरकरार रखा जा सकता है। इस बीच सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन को कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें 3 जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार की संरचना पर टिकी हैं।