DK Shivakumar political journey: कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अब मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्होंने 8 बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है।
कांग्रेस के दिग्गज नेता और कर्नाटक के वर्तमान उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अब मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। शिवकुमार साल 1989 में महज 27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद, आज तक वे किसी भी विधानसभा चुनाव में नहीं हारे।
आठ बार विधानसभा पहुंच चुके शिवकुमार ने कांग्रेस को कई बार बड़ी मुश्किलों से बाहर निकाला। रिसॉर्ट पॉलिटिक्स के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले शिवकुमार शनिवार को कर्नाटक में सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।
15 मई 1962 को कनकपुरा के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे डीके शिवकुमार ने पढ़ाई के दिनों से ही राजनीति शुरू कर दी। 1985 में पहली बार सथनूर सीट से चुनाव लड़े, लेकिन तब एचडी देवेगौड़ा (पूर्व पीएम) से हार का सामना करना पड़ा था।
इस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया। 1989 में कांग्रेस टिकट पर सथनूर से फिर मैदान में उतरे और जीत हासिल की।
फिर 1994 में निर्दलीय, 1999 और 2004 में फिर सथनूर से और 2008 के बाद कनकपुरा से लगातार जीतते रहे। शिवकुमार कर्नाटक में वोक्कालिगा समुदाय के बड़े चेहरे हैं। जिनका पूरे राज्य में बड़ा प्रभाव है।
डीके शिवकुमार को कांग्रेस का 'संकटमोचक' के नाम से जाना जाता है। जब भी कांग्रेस पर बागी विधायकों या हॉर्स ट्रेडिंग का खतरा मंडराया, उन्होंने पार्टी को संभाला।
2002 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की सरकार बचाने के लिए उन्होंने बेंगलुरु के अपने रिसॉर्ट में कांग्रेस विधायकों को ठहराया और विश्वास मत दिलवा दिया।
2017 में गुजरात में अहमद पटेल की राज्यसभा जीत के लिए 42 विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट किया। 2018 के कर्नाटक चुनाव के बाद JD(S) के साथ गठबंधन सरकार बनाने में भी उनकी भूमिका अहम रही।
तेलंगाना, हिमाचल, ओडिशा और असम जैसे राज्यों में भी उन्होंने पार्टी के लिए मुश्किल वक्त में काम किया। इन दांवों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया।
2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के पीछे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में डीके शिवकुमार की मेहनत सबसे ज्यादा दिखी। पार्टी को सत्ता दिलाने के बाद उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया। अब वह मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।