Jayalalitha Birth Anniversary: तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। राजनीति के सारे पैंतरे अपनाए जा रहे हैं। आज तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता का बर्थ एनिवर्सिरी भी है। साल 1989 में DMK के नेता ने जयललिता की साड़ी खींच दी थी।
दक्षिण भारत में सिनेमा सिर्फ मनोरंजन भर नहीं है। वहां एक्टर और एक्ट्रेस को देवी और देवताओं की तरह पूजा जाता है। कई उपनाम से नवाजा जाता है। यही एक्टर और एक्ट्रेस रील लाइफ के इन हीरो और हीरोइन को रियल लाइफ में सत्ता के सिंहासन पर बैठा देते हैं। इन्हीं में से एक थीं भारतीय राजनीति की अम्मा कही जाने वाली तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता।
तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता का जन्म 24 फरवरी 1948 को कर्नाटक के मेलकोट में हुआ था। अगर वह आज जीवित होती तो अपना 78वां जन्मदिन मना रही होतीं। उनका साल 2016 में 67 साल की उम्र में चेन्नई में निधन हो गया था।
जयललिता ने महज 13 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। उनकी पहली फिल्म श्रीशैला महात्मे थी। यह कन्नड़ भाषा की फिल्म थी। इस फिल्म के बाद जयललिता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने फिल्मी कैरियर के दौरान उन्होंने 140 से अधिक फिल्मों में अदायगी की। उन्होंने तमिल, तेलुगू और हिंदी सिनेमा में भी काम किया था। जयललिता सबसे अधिक MGR के साथ 28 फिल्मों में काम किया था। वहीं, तमिल फिल्मों के सुपरस्टार शिवाजी गणेशन के साथ 17 फिल्में की थी।
कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि जब वह MGR के साथ फिल्में कर रही थी। उसी दौरान वह MGR के साथ प्रेम संबंध में थी। एक बार तो जयललिता ने MGR के सामने शादी का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन MGR पहले से शादीशुदा थे और उम्र का फर्क भी बड़ा था। वहीं, MGR ने कभी औपचारिक रूप से जयललिता संग अपने रिश्ते को कभी स्वीकार भी नहीं किया। इधर, जयललिता ने कभी शादी नहीं की। ऐसा माना गया कि उनका दिल हमेशा MGR पर अटका रहा।
अभिनेता से नेता बने MGR ही साल 1982 में जयललिता को राजनीति में लेकर आए थे। साल 1987 में MGR की मौत के बाद जयललिता ने पार्टी पर कब्जा जमाया। इसके बाद साल 1991 में तमिलनाडु की सीएम बनीं। दूसरी बार 2001 में, तीसरी बार 2002 में, चौथी बार 2011 में, पांचवी बार 2015 में और छठी बार साल 2016 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला था।
साल 1989 में तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र चल रहा था। DMK नेता करुनानिधि राज्य के मुख्यमंत्री थे। AIADMK विपक्ष में थी। विपक्षी नेता बार-बार सीएम करुणानिधि के बजट भाषण में रुकावट पैदा कर रहे थे। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच झगड़ा हो गया। जब जयललिता सदन से बाहर जाने लगीं तो DMK के मंत्री दुरई मुरुगन ने उन्हें रोकते हुए उनकी साड़ी खींच ली। जयललिता फटी हुई साड़ी और उलझे बालों के साथ बाहर आईं और मीडिया और लोगों को अपनी साड़ी दिखाते हुए कहा, ‘देखिए, इन लोगों ने मेरे साथ कैसा क्रूर व्यवहार किया है।’
ऐसा कहा भी जाता है कि जयललिता ने उस दौरान कहा था कि वह दोबारा वहां (सदन में) तब ही कदम रखेंगी जब अपने अपमान का बदला ले लेंगी। इस घटना के चलते जयललिता को भरपूर सहानुभूति मिली। इसका फायदा भी AIADMK को मिला। अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी को बंपर जीत मिली और जयललिता पहली बार सीएम बनीं।
गौरतलब बात यह है कि तमिलनाडु में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। जयललिता की पार्टी AIADMK के साथ बीजेपी का गठबंधन है। पीएम मोदी ने भी बीते रविवार को अपने मन की बात के 131वें एपिसोड में अम्मा को याद किया था। उन्होंने कहा था कि अम्मा जयललिता को लेकर तमिलनाडु के लोगों से उनका लगाव कितना था, यह मुझे आज भी दिखता है। आज भी जयललिता जी का नाम लेते ही लोगों के चेहरे खिले उठते हैं। उन्होंने सरकार में रहते हुए महिलाओं के लिए सराहनीय प्रयास किए। इसके साथ ही कानून में कई ठोस कदम भी उठाए थे।