लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है। इस दौरान बिना किसी जुर्माने के रिन्यू कराया जा सकता है। 30 दिनों के बाद लेट फीस लगती है।
Driving License Rules: भारत में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की वैलिडिटी समाप्त होने के बाद इसे समय पर रिन्यू कराना अनिवार्य है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत एक्सपायर लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाना गैरकानूनी है, जिस पर भारी जुर्माना लग सकता है। अगर आपका लाइसेंस 2026 में एक्सपायर हो रहा है, तो नियमों की जानकारी जरूरी है।
लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है। इस दौरान बिना किसी जुर्माने के रिन्यू कराया जा सकता है। 30 दिनों के बाद लेट फीस लगती है। अधिकांश राज्यों में 5 साल तक लेट रिन्यूअल संभव है, लेकिन उसके बाद लाइसेंस रद्द हो सकता है और नया टेस्ट देना पड़ सकता है। प्राइवेट DL आमतौर पर 20 साल या 50 साल की उम्र तक वैलिड रहता है (जो पहले हो), जबकि कमर्शियल DL हर 3-5 साल में रिन्यू होता है।
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177 के तहत बिना वैलिड लाइसेंस के ड्राइविंग पर ₹500 से ₹1,000 तक जुर्माना लग सकता है (राज्यों के अनुसार अलग-अलग)।
कुछ राज्यों में लाइट मोटर व्हीकल के लिए ₹2,000 तक, अन्य वाहनों के लिए ₹5,000 तक फाइन।
पहली बार पकड़े जाने पर चालान, बार-बार होने पर जेल भी हो सकती है।
एक्सपायर DL के साथ एक्सीडेंट होने पर इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
30 दिन के ग्रेस पीरियड के बाद रिन्यूअल पर ₹300 से ₹1,000 तक लेट फीस लगती है (राज्य अनुसार)।
5 साल से ज्यादा देरी पर ₹1,000 प्रति साल अतिरिक्त फाइन + ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य।
सामान्य रिन्यूअल फीस ₹200-₹400 के बीच होती है।
parivahan.gov.in पर जाएं, ड्राइविंग लाइसेंस सेक्शन 'DL Renewal' चुनें।
राज्य चुनें, DL नंबर, DOB डालें।
फॉर्म भरें, डॉक्यूमेंट अपलोड करें (फोटो, सिग्नेचर, मेडिकल सर्टिफिकेट अगर जरूरी)।
फीस ऑनलाइन पे करें, स्लॉट बुक करें (कुछ राज्यों में टेस्ट जरूरी)।
प्रिंटआउट लें और RTO से स्मार्ट कार्ड प्राप्त करें।
पुराना DL, आधार/पैन/वोटर ID, मेडिकल सर्टिफिकेट (50+ उम्र या कमर्शियल DL के लिए), पासपोर्ट साइज फोटो। समय पर रिन्यू न करने से न सिर्फ जुर्माना लगता है, बल्कि कानूनी परेशानी भी हो सकती है। अगर आपका DL 2026 में एक्सपायर हो रहा है, तो अभी आवेदन कर लें। ऑनलाइन सुविधा से RTO के चक्कर कम हो गए हैं।