लेह लद्दाख में 5.7 तीव्रता और दिल्ली में 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। किसी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सोमवार को भारत के उत्तरी हिस्सों में भूकंपीय गतिविधि देखने को मिली। पहले दिल्ली और हरियाणा में और अब लद्दाख के लेह इलाके में भूकंप के झटके महसूस किए गए है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार लेह में आए भूंकप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.7 मापी गई है, जो मध्यम से तेज श्रेणी में आता है। यह भूकंप के झटके सोमवार सुबह 11:51 बजे महसूस किए गए। इस भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 171 किलोमीटर गहराई में स्थित था। शुरुआती जानकारी में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं हुई है।
लेह लद्दाख क्षेत्र हिमालयी भूकंपीय बेल्ट में स्थित है, जहां समय समय पर भूकंप आते रहते हैं। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि गहरे भूकंप के बाद आफ्टरशॉक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं और किसी आपात स्थिति की घोषणा नहीं की गई है।
आज ही सुबह दिल्ली में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। इसका केंद्र उत्तर दिल्ली क्षेत्र में था और गहराई लगभग 5 किलोमीटर रही। कम तीव्रता के कारण किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन कई लोगों ने झटकों को महसूस किया।
विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली भूकंप के लिहाज से सिस्मिक जोन चार में आती है, जो देश में दूसरी सबसे संवेदनशील श्रेणी मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली एनसीआर में 4 तीव्रता तक के कई भूकंप दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस वर्षों में दिल्ली में 5 से अधिक तीव्रता का कोई बड़ा भूकंप दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन हरियाणा के सोनीपत तक इसके झटके महसूस हुए।