राष्ट्रीय

चुनाव वाले पांच राज्यों में टीकाकरण अभियान तेज करने की सलाह, EC ने मुख्य सचिवों को पत्र लिखा

भारत में एक बार फिर से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। कहा जा रहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती है। इसके चलते चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों को चिट्ठी लिखी है और कोरोना टीकाकरण अभियान तेज करने की बात कही है।
2 min read
• •
Updated: 3 Jan 2022, 10:18 PM IST
EC asks CS of five states to speed up vaccination
EC asks CS of five states to speed up vaccination

भारत में एक बार फिर से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। कहा जा रहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती है। इसके चलते चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों को चिट्ठी लिखी है और कोरोना टीकाकरण अभियान तेज करने की बात कही है। बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से सोमवार को पंजाब, उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखी गई है। जिसमें बढ़ते कोरोना मामलों के चलते टीकाकरण तेज करने की बात कही गई है।

आयोग ने चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि कोविड टीकाकरण में तेजी लाएं। वहीं आयोग ने मणिपुर को लेकर खासतौर पर चिंता जताई है। दरअसल, मणिपुर में कोरोना की पहली खुराक के कम प्रतिशत पर चुनाव अयोग संतुष्ट नहीं है।

आयोग ने कहा कि देश में कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में चुनावी राज्यों को टीकाकरण पर खास ध्यान देने की जरूरत है। बता दें कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक लेने वालों का प्रतिशत कम है। वहीं उत्तराखंड और गोवा में करीब सभी को (100 प्रतिशत) कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है।


गौरतलब है कि पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि इसी महीने आयोग इन पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। खास बात यह है कि देश में कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में कुछ लोगों ने चुनावों को टालने की बात भी कही थी। हालांकि चुनाव आयोग ने चुनाव टालने से साफ इनकार कर दिया।


चुनाव आयोग ने साफ कर दिया था कि चुनाव टाले नहीं जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हमने यूपी के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, लेकिन कोई भी चुनाव टालने के पक्ष में नहीं है। सभी पार्टियों का कहना है कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए सावधानी से चुनाव संपन्न कराए जाएं।

Updated on:
3 Jan 2022, 10:18 PM IST
Published on: