
TMC सांसदों का दावा: ऑफिस में BJP के गुंडों ने आग लगा दी (सोर्स: निखत अली एक्स)
Jagatballavpur Violence Video: चुनाव परिणाम आने के बबाद पश्चिम बंगाल से एक और बड़ी खबर सामने आई है। टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जगतबल्लवपुर में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी ऑफिस में आग लगा दी और उस पर कब्जा करने की कोशिश की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में एक इमारत से आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं, जिसकी दीवारों पर टीएमसी का झंडा बना हुआ है।
बनर्जी का कहना है कि चुनाव नतीजों के तुरंत बाद इस तरह की घटनाएं पूरे राज्य में सामने आ रही हैं, जो हालात को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- ‘खबर है कि जगतबल्लवपुर में TMC पार्टी ऑफिस को BJP के गुंडों ने आग लगा दी है- यह उस हालात की खतरनाक झलक है जिसे बंगाल के लोग अब झेलने को मजबूर हैं।’
इसके अलावा उन्होंने एक और वीडियो शेयर करते हुए लिखा- यह कोलकाता का न्यू मार्केट है। भगवा खेमे से जुड़ा एक ग्रुप धार्मिक नारे लगाते हुए बुलडोजर से दुकानों को नुकसान पहुंचाता दिख रहा है। जमीनी हालात कानून-व्यवस्था के गंभीर रूप से बिगड़ने की ओर इशारा करते हैं, और आरोप हैं कि यह राजनीति से प्रेरित है। इस बीच, मीडिया के कुछ हिस्से चुप हैं, और चुनाव आयोग और पुलिस चुपचाप देखते रह गए हैं।”
TMC के एक और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने एक्स पर पसत शेयर करते हुए लिखा- “जगतबल्लवपुर में TMC पार्टी ऑफिस में BJP के गुंडों ने आग लगा दी है- यह उस हालात की खतरनाक झलक है जिसे बंगाल के लोग अब झेलने को मजबूर हैं।”
दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा- “सेंट्रल कोलकाता में, न्यू मार्केट के पास। पुलिस की इजाज़त से। जीत के जश्न के तौर पर मीट की दुकानें गिराने के लिए बुलडोज़र लाया गया। CAPF आस-पास खड़ी है। BJP आपके लिए। दुनिया को ये तस्वीरें देखने दें।”
वहीं निखत अली नाम की एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा - “कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में खुली गुंडागर्दी बुलडोजर से TMC ऑफिस और मीट की शॉप्स को तोड़ा। कोई क्यों नहीं इन्हें रोक रहा ये किस तरह की खुलेआम गुंडागर्दी हो रही है ?”
बंगाल चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। हालांकि सीएम कौन होगा? इसका अनाउंसमेंट अभी बाकी है। उधर टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी हार मानने को तैयार नहीं हैं, उनका कहना है कि वह हारी नहीं हैं बल्कि भाजपा द्वारा चुनाव आयोग से मिलकर उन्हें हराया गया है। इसलिए वह सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी के इस्तीफा देने या न देने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। विधानसभा का कार्यकाल छह मई को समाप्त हो रहा है। उसके बाद राज्यपाल विधानसभा भंग कर सकते हैं और नई सरकार का गठन किया जा सकता है जिसके पास विधानसभा चुनाव में चुने विधायकों के बहुमत का समर्थन है। लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचारी ने कहा कि चुनाव में बहुमत खोने और विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने पर पद पर बने रहना संभव नहीं है। राज्यपाल उन्हें बर्खास्त भी कर सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री राज्यपाल की कृपा पर ही सरकार में रह सकते हैं, कृपा से तात्पर्य व्यक्तिगत नहीं बल्कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत विधानसभा का अस्तित्व व उसमें बहुमत से है।
Updated on:
06 May 2026 06:23 am
Published on:
06 May 2026 06:22 am
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