
वैज्ञानकों ने खोजा प्लूटो से भी छोटा पिंड (AI जनरेटेड इमेज)
वैज्ञानिकों ने पहली बार एक बहुत छोटे खगोलीय पिंड के चारों ओर पतला वायुमंडल पाया है। जबकि पहले माना जाता था कि इतने छोटे पिंड अपने आसपास गैस रोक ही नहीं सकते। हमारे सौरमंडल के किनारे एक क्षेत्र है जिसे कुइपर बेल्ट है। यहां हजारों बर्फीले और चट्टानी पिंड मौजूद हैं, जिन्हें ट्रांस-नेपच्यूनियन ऑपजेक्ट्स कहा जाता है। ये लगभग 4.5 अरब साल पहले सौरमंडल के बनने के समय के बचे हुए टुकड़े हैं। अब तक वैज्ञानिक मानते थे कि सिर्फ प्लूटो जैसे बड़े पिंड ही थोड़ा-बहुत वायुमंडल रख सकते हैं, लेकिन छोटे पिंड नहीं। अब जापान जापान के वैज्ञानिकों ने एक छोटे पिंड- (612533) 2002 XV93 के आसपास पतला वायुमंडल खोज लिया।
यह खोज एक खास तरीके से हुई जिसे स्टेलर ओक्यूलेशन कहते हैं। इसमें जब कोई दूर का पिंड किसी चमकीले तारे के सामने से गुजरता है, तो तारे की रोशनी में बदलाव देखकर उस पिंड के बारे में जानकारी मिलती है। इस मामले में तारे की रोशनी अचानक बंद नहीं हुई, बल्कि धीरे-धीरे कम हुई, जिससे पता चला कि उस पिंड के चारों ओर बहुत पतली गैस की परत है जो रोशनी को मोड़ रही थी।
Published on:
06 May 2026 05:16 am
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