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केरल चुनाव 2026: चुनाव आयोग के डाक्यूमेंट्स पर भाजपा की मुहर विवाद में ECI का बड़ा एक्शन, दो अधिकारी ड्यूटी से हटाए गए

ECI Action Kerala: केरल में चुनाव आयोग के दस्तावेज पर BJP की मुहर विवाद के बाद ECI ने बड़ा एक्शन लिया, दो अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से हटाया गया है।

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Mar 28, 2026
ECI Action Kerala (Image: IANS)

ECI Action Kerala: केरल में चुनाव आयोग के एक दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर लगने के मामले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है और दो अधिकारियों को चुनाव संबंधी ड्यूटी से हटा दिया है।

यह विवाद उस समय सामने आया जब राजनीतिक दलों को भेजे गए एक आधिकारिक हलफनामे में चुनाव आयोग की जगह भाजपा की मुहर लगी पाई गई। इस घटना को विपक्षी दलों, खासकर माकपा (CPM), ने गंभीर मुद्दा बनाते हुए सवाल उठाए। पार्टी ने इस दस्तावेज की प्रति सोशल मीडिया पर साझा कर मामले को सार्वजनिक किया।

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जांच के बाद हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से करवाई गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद आयोग ने उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी और एक अनुभाग अधिकारी को उनके चुनाव संबंधी कार्यों से मुक्त कर उनके मूल विभागों में वापस भेज दिया।

आयोग ने बताया मानवीय त्रुटि

चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि यह घटना एक मानवीय त्रुटि का परिणाम थी और इसमें किसी तरह की जानबूझकर की गई गड़बड़ी नहीं पाई गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि गलती को तुरंत ठीक कर लिया गया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विपक्ष ने उठाए सवाल

इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। माकपा ने कहा कि इस तरह की घटना से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इससे यह आशंका बढ़ती है कि कहीं किसी राजनीतिक दल का प्रभाव संस्थाओं पर तो नहीं है।

ECI के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति

हाल के समय में विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों के बीच यह घटना आयोग के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाली मानी जा रही है। ऐसे में आयोग ने त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर है। यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब केरल में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद अहम माना जा रहा है।

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Published on:
28 Mar 2026 10:47 pm
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