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TMC सांसद कल्याण बनर्जी का EC पर आरोप, कहा- BJP के इशारे पर लिया गया फैसला; अब चुनाव आयोग पर किसी को भरोसा नहीं

Kalyan Banerjee BJP Allegation: टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह पर चुनाव आयोग के फैसले के बाद सांसद कल्याण बनर्जी ने ईसी पर निशाना साधा। उन्होंने कार्रवाई को मनमाना बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के इशारे पर काम किया है।
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Sep 20, 2026
TMC MP Kalyan Banerjee
TMC सांसद कल्याण बनर्जी (फोटो-ANI)

Kalyan Banerjee EC Attack: चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह पर रोक लगाने के बाद दोनों गुट को नई आधिकारिक पहचान सौंप दी है। ममता गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया है और चिन्ह ‘फुटबॉल खिलाड़ी' मिला है। वहीं बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और चुनाव चिन्ह 'लिफाफा' दिया है। इस पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने ईसी पर बीजेपी के इशारों पर काम करने का भी आरोप लगाया है।

क्या बोले कल्याण बनर्जी

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि 22 जून को ऋतब्रत बनर्जी ने शिकायत दर्ज कराई थी। हमने 3 जुलाई को अपना जवाब सौंप दिया था, जबकि ऋतब्रत से 5 जुलाई तक अपना जवाब देने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद समय-सीमा बार-बार बढ़ाई जाती रही।

उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर विवाद पर फैसला करने की याद दिलाई, लेकिन तब भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। सितंबर में पश्चिम बंगाल की दो सीटों पर उपचुनाव के संबंध में चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद ही इस मामले को जल्दबाजी में उठाया गया।

‘ईसी के सामने हमने रखा पक्ष’

टीएमसी सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग के सामने हमने अपना पक्ष रखा। इसके बाद ईसी ने एक आदेश पारित किया, जो स्वयं अवैध, मनमाना, बिना पर्याप्त कारण बताए और तथ्यों के विपरीत है। इस आदेश के जरिए हमारा चुनाव चिह्न हमसे छीन लिया गया है। 

बीजेपी के इशारों पर चुनाव आयोग ने किया काम- बनर्जी

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह पूरी कार्रवाई भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग द्वारा की गई है। अब किसी को भी चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है। हालांकि यह एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन यह अपने कर्तव्यों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन नहीं कर रही है और भाजपा के निर्देशों से प्रभावित होकर काम कर रही है।

विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी की कलह आई सामने

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पार्टी के अंदर गुटबाजी और कलह सामने आ गई। विधानसभा में टीएमसी दो गुटों में बंट गई। एक गुट ममता बनर्जी का तो वहीं दूसरा गुट ऋतब्रत बनर्जी का बन गया। इसके अलावा संसद में भी टीएमसी टूट गई। टीएमसी के 20 सांसद बांगी हो गए और NCPI में शामिल हो गए। इन सांसदों ने सदन में एनडीए को समर्थन देने की भी बात कही थी।

Updated on:
20 Sept 2026 01:36 pm
Published on:
20 Sept 2026 01:36 pm