चुनाव आयोग ने 13 दस्तावेज जारी किये थे। सिर्फ उन्हें ही सहायक पहचान पत्र दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाने थे। इसके अलावा किसी अन्य दस्तावेज को वैध नहीं माना गया था, लेकिन पश्चिम बंगाल में कुछ EROs, AEROs, अनलिस्टेड ID प्रूफ को भी वैध मान लिया। पढ़ें पूरी खबर...
भारत निर्वाचन आयोग उन इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों व सहायक इलेक्टरोल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के एक वर्ग से स्पष्टीकरण मांग सकती है, जिन्होंने SIR के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान ECI के खास निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए अनलिस्टेड पहचान-पत्र दस्तावेज स्वीकार कर लिए थे।
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चुनाव आयोग ने 13 दस्तावेज जारी किये थे। सिर्फ उन्हें ही सहायक पहचान पत्र दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाने थे। इसके अलावा किसी अन्य दस्तावेज को वैध नहीं माना गया था। आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को भी यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि इस मामले में ECI के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि इस मामले में ऐसे खास निर्देशों के बावजूद कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां EROs और AEROs ने अनलिस्टेड दस्तावेजों को सहायक पहचान-पत्र दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया है। इससे, एक तरफ तो स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है, क्योंकि अनलिस्टेड दस्तावेज जमा करने वाले वोटरों को सुनवाई के लिए फिर से बुलाया जाएगा और उन्हें 13 लिस्टेड दस्तावेजों में से कोई एक लाने के लिए कहा जाएगा।
एक अधिकारी ने मीडिया से कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व इस मौके का इस्तेमाल आयोग पर सुनवाई के नाम पर वोटरों को बेवजह परेशान करने का आरोप लगाने के लिए कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में आयोग उन EROs और AEROs से स्पष्टीकरण मांगने पर विचार कर रहा है। जिन्होंने इस मामले में ECI के खास दिशानिर्देशों को नजरअंदाज करते हुए अनलिस्टेड दस्तावेज स्वीकार किए।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां जमा करने की समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई। इस मामले में सुनवाई 7 फरवरी तक जारी रहेगी। अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने सुनवाई और अंतिम वोटर लिस्ट के प्रकाशन की समय सीमा को पूरा करने के लिए 6,500 केंद्रों पर प्रतिदिन 7,00,000 सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य पहले ही तय कर लिया है।
अंतिम वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद, ECI की पूरी बेंच पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी, और उसके तुरंत बाद विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा की जाएगी।