
Election Commission of India: मतदाता सूची में नाम छूटने की चिंता कर रहे लोगों के लिए चुनाव आयोग ने राहत का रास्ता खोल दिया है। दिल्ली सहित छह राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा बढ़ाने पर विचार करने की सलाह के अगले ही दिन आए इस फैसले से उन नागरिकों को फायदा मिल सकता है, जो किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली में आवेदन की समयसीमा बढ़ा दी है। साथ ही महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है। इन पांच राज्यों में पहले निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी थी।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में चल रहे SIR मामले की सुनवाई के दौरान समयसीमा बढ़ाने पर विचार करने की सलाह दिए जाने के अगले दिन उठाया गया। अदालत ने 30 अक्टूबर के बाद भी दावे और आपत्तियां स्वीकार करने की संभावना पर विचार करने को कहा था।
चुनाव आयोग ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए अलग-अलग पत्रों के जरिए संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी है। इसके अनुसार, आवेदन की अंतिम तारीखें इस प्रकार हैं:
अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख भी बदल दी गई है। पांच राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में अंतिम सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। दिल्ली के मतदाताओं को इसके लिए 22 दिसंबर तक इंतजार करना होगा।
SIR के दौरान वोटरों को तय समय के अंदर गणना प्रपत्र भरना होता था। जो लोग ये काम नहीं कर पाए, उनके नाम अस्थायी वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते थे। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं ऐसे लोग फिर से अपना नाम जोड़ सकते हैं, बस तय प्रक्रिया का पालन करें।
अगर किसी का नाम छूट गया है या नया नाम जोड़ना है, तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन करना होता है। वहीं, अगर किसी नाम को लिस्ट से हटाने को लेकर आपत्ति है, तो फॉर्म-7 का इस्तेमाल करें। आवेदन करने से पहले ये जरूर जांच लें कि आप पात्र हैं या नहीं, किस दस्तावेज़ की जरूरत है और प्रॉसेस क्या है। इसके लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट या संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की साइट देख सकते हैं।
फाइनल लिस्ट जारी होने से पहले, अपना नाम चेक जरूर करें, ताकि कोई चूक ना रह जाए।
SIR का तीसरा चरण 14 मई से 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू हुआ था। रिपोर्ट है कि 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ये प्रक्रिया अब पूरी भी हो चुकी है।
समयसीमा बढ़ने से उन लोगों को राहत मिल गई है, जिनका नाम अस्थायी लिस्ट में नहीं था या जो पहले आवेदन नहीं कर सके। लेकिन ध्यान रहे, सिर्फ तारीख बढ़ने से नाम अपने आप शामिल नहीं होगा। फॉर्म भरना और जरूरी कदम उठाना अब भी ज़रूरी है।