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थर-थर कांपेगा दुश्मन देश, भारत-रूस रक्षा साझेदारी से मिसाइल भंडार होगा मजबूत; बढ़ेगी देश की ताकत

India-Russia Defence Power: भारत को आंख दिखाने वाले दुश्मन देश अब भारत-रूस की रक्षा साझेदारी से थर-थर कांपेंगे। 288 एस-400 मिसाइल खरीद को मिली हरी झंडी।

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Feb 14, 2026
भारत-रूस रक्षा साझेदारीः मिसाइल भंडार होगा मजबूत (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)

India-Russia Defence Partnership: भारत ने रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के लिए 288 सरफेस टू एयर मिसाइल खरीदने को हरी झंडी दे दी है। दो शेष स्क्वाड्रन इसी वर्ष मिलने की पुष्टि के बाद शुक्रवार को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (एओएन) को हरी झंडी दे दी। करीब 10,000 करोड़ रुपए की यह डील फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत होगी। एस-400 की 40 से 400 किमी तक की मारक क्षमता और मैक 14 की रफ्तार इसे दुश्मन के जेट, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ बेहद प्रभावी बनाती है।

ऑपरेशन सिंदूर में इसके प्रदर्शन के बाद भंडार मजबूत करने की जरूरत महसूस की गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में डीएसी ने 288 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी। इसमें 120 कम दूरी और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं।

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40 से 400 किमी रेंज, मैक 14 रफ्तार

एस-400 सिस्टम 40, 150, 200 और 400 किमी रेंज की मिसाइलों से लैस है। इसकी अधिकतम गति 4.8 किमी प्रति सेकंड (मैक 14) है। यह 30 किमी ऊंचाई तक फाइटर जेट, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक कर नष्ट कर सकता है।

ऑपरेशन सिंदूर में दिखी मारक क्षमता

ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 ने पाकिस्तानी फाइटर जेट, अर्ली वार्निंग विमान और कई ड्रोन निष्क्रिय किए। 314 किमी दूर पाकिस्तानी निगरानी विमान को मार गिराने के बाद उसके सैन्य विमानों को सीमावर्ती एयरबेस पर शिफ्ट करना पड़ा। 9-10 मई 2025 को लाहौर, रावलपिंडी, सियालकोट और पसरूर के रडार सिस्टम भी निष्क्रिय रहे।

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