
EPFO wage ceiling hike: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश भर के कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में आ जाएंगे।
कैबिनेट के फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अनिवार्य PF कवरेज के लिए वेतन सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में तय की गई थी। उस समय इसे 15,000 तय किया गया था और इसे बढ़ाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने अब इस बढ़ोतरी को मंज़ूरी दे दी है और नई सीमा 25,000 प्रति माह तय की है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्पष्ट किया कि संशोधित वेतन सीमा 17 सितंबर से देश भर में लागू होगी, जो विश्वकर्मा जयंती के दिन है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि संगठित क्षेत्र में 15,000 से 25,000 के बीच कमाने वाले लगभग 51 लाख कर्मचारी अब अनिवार्य रूप से PF नियमों के दायरे में आ जाएंगे। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि PF योगदान नियमों के तहत, सरकार, कर्मचारियों और नियोक्ताओं के साथ मिलकर पेंशन प्रणाली में अपना हिस्सा योगदान करती है। इस फैसले को लागू करने से भारत सरकार के खजाने पर सालाना अनुमानित 11,339 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई वेतन सीमा लागू होने से कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के माध्यम से बचत के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत मजबूत पेंशन सुरक्षा मिलेगी, जिससे उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके अलावा, इस पूरी सैलरी रेंज में आने वाले कर्मचारियों को एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम के तहत लाइफ इंश्योरेंस कवर अपने आप मिल जाएगा।