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एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर जीएसटी में और राहत की तैयारी, सरकार का बड़ा कदम

Green fuel initiative India: केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी में और कटौती पर विचार कर रही है।
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Jun 06, 2026
Government promoting ethanol-blended petrol in India
सरकार ने 22 से 30% तक ऐथनॉल मिक्स्ड फ्यूल पर ड्यूटी हटा दी है। (PC: IANS)

Ethanol blending policy India: केंद्र सरकार देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए इस पर लगने वाले जीएसटी को और कम कर सकती है। इसको लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच चर्चा हुई है। अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इसका प्रस्ताव आ सकता है। इसके तहत 20 प्रतिशत से ज्यादा एथेनॉल का मिश्रण करने पर जीएसटी कम किया जाएगा।

क्या है मामला

दरअसल, हाल ही केंद्र सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया है। लेकिन, यह घटा हुआ जीएसटी केवल 20 प्रतिशत एथेनॉल के मिलाने पर ही है। यदि 20 प्रतिशत से ज्यादा एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता है, तो 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। अब सरकार इसे भी कम करने जा रही है। इसके तहत एथेनॉल को अधिकतम सीमा तक मिलाने पर भी 5 प्रतिशत तक ही जीएसटी लगाने का प्रस्ताव है। इस पर प्रारंभिक सहमति बन चुकी है।

एथेनॉल का मिश्रण क्यों

पश्चिम एशिया युद्ध के असर के बाद से केंद्र सरकार क्रूड ऑयल के आयात को कम करने और इसी क्रम में एथेनॉल को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर क्रमबद्ध 85 प्रतिशत तक ले जाने पर काम कर रही है। इसके लिए वैकल्पिक ईंधनों और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देना तय किया गया है। देश में एथेनॉल उत्पादन तीन गुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

ई85 ईंधन ग्रीन फ्यूचर की तरफ ऐतिहासिक कदमः हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में इंडियन ऑयल के एक फ्यूल स्टेशन पर ई85 ईंधन का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने इसे भारत के ग्रीन फ्यूचर की ओर एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।

ई85 एक वैकल्पिक ईंधन है, जिसमें 80 से 85 प्रतिशत तक एथेनॉल और शेष 14 से 19 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इसे खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के उपयोग के लिए विकसित किया गया है, जो इस प्रकार के ईंधन को अधिक कुशलता से उपयोग कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए यह 100 प्रतिशत आत्मनिर्भर ई85 ईंधन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, यह न केवल पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल है, बल्कि इससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में लगभग 61 प्रतिशत तक की कमी संभव है। साथ ही, इसे एक किफायती ईंधन विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है।

Updated on:
06 Jun 2026 11:10 pm
Published on:
06 Jun 2026 11:09 pm
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