
पणजी में जश्न के दौरान विवाद, उमर खालिद समर्थन का आरोप
Dharmendra Pradhan Resigns: गोवा की राजधानी पणजी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। आरोप है कि इन युवकों ने जश्न के दौरान कथित तौर पर जेल में बंद छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद के समर्थन में बयानबाजी की और नारे लगाए। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह पूरा मामला शनिवार का है। पणजी के आजाद मैदान में एक गुट NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहा था। इसी दौरान दानिश नाम का एक युवक वहां पहुंचा और उसने अचानक उमर खालिद के समर्थन वाला एक पोस्टर (प्लेकार्ड) हवा में लहरा दिया। जब वहां मौजूद मीडिया ने उससे सवाल किया, तो उसने सरेआम कहा कि वह जेल में बंद उमर खालिद की रिहाई की मांग का समर्थन करता है।
आजाद मैदान में तैनात एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने जब दानिश की इस हरकत को देखा, तो वे तुरंत उसके पास पहुंचे। पुलिस ने जब उससे उसका नाम और पहचान पूछी, तो उसने बताने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। दानिश को पकड़े जाने की खबर मिलते ही वहां मौजूद भीड़ भड़क गई और उसने दानिश को छुड़ाने के लिए पुलिस हेडक्वार्टर की तरफ मार्च शुरू कर दिया।
पुलिस मुख्यालय के बाहर जब भीड़ दानिश के समर्थन में नारेबाजी कर रही थी, तभी सुदिन दलवी नाम के एक और युवक ने उमर खालिद के पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं, आरोप है कि उसने वहां मौजूद पत्रकारों और कैमरामैनों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की भी की। माहौल को बिगड़ता देख पुलिस ने सुदिन दलवी को भी तुरंत दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि इन दोनों के खिलाफ जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी।
इस घटना के बाद राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं ने पणजी पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। BJYM गोवा के अध्यक्ष तुषार केलकर ने साफ शब्दों में कहा कि एक 'राष्ट्र-विरोधी' व्यक्ति का समर्थन करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त से सख्त मामला दर्ज किया जाए।
Updated on:
26 Jul 2026 10:26 am
Published on:
26 Jul 2026 09:45 am
