आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत कांग्रेस को नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में कांग्रेस को कहा गया है कि इस बंगले को खाली करे। इस बंगले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव विंसेंटअवैध कब्जा कर रह रहे हैं।
सरकारी बंगले में अवैध तरीके से रहने के अक्सर कई मामले सामने आते रहे हैं। चाहे वो अखिलेश यादव हो या मायावती या बिहार के कुछ नेता। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां सरकार को सरकारी बंगले खाली करवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी है। अब एक और मामला सामने आया है जिसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के सचिव से जुड़ा मामला सामने आया है। सोनिया गांधी के सचिव कई सालों से अवैध कब्जा कर सरकारी बंगले में रह रहे हैं। इस बंगले का 3 करोड़ के करीब बकाया भी है जो अब तक नहीं चुकाया गया है। ये बंगला कांग्रेस पार्टी को आवंटित था।
सोनिया गांधी के निजी सचिव का अवैध कब्जा
दरअसल, कांग्रेस पार्टी को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित बंगला (नंबर C-ll / 109) को खाली करने के लिए बेदखली नोटिस जारी किया गया है। सोनिया गांधी के निजी सचिव विन्सेंट जॉर्ज इस सरकारी बंगले में रह रहे हैं जबकि ये संपत्ति कांग्रेस पार्टी को दी गई थी। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय (डीओई) ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ एक्शन लेते हुए नोटिस जारी किया है।
नोटिस में क्या कहा गया?
इस बंगले में इस नोटिस में कहा गया है कि "आपने सार्वजनिक परिसर पर अनधिकृत कब्जा कर रखा है। आपको उक्त परिसर से बेदखल कर दिया जाना चाहिए। पत्र संख्या 7/259/94- द्वारा 26-06-2013 से आवंटन रद्द होने के बाद भी आप सार्वजनिक परिसरों पर कब्जा करना जारी रखे हुए हैं।"
इसके अलावा इस नोटिस में कहा है कि यदि कारण बताने में असफल रहे या निर्धारित समय के भीतर कारण नहीं बताए गए तो एकतरफा निर्णय इस मामले में लिया जा सकता है।
बता दें कि इस संपत्ति का बकाया 3.08 करोड़ तक पहुँच गया है जिसे अब तक कांग्रेस पार्टी द्वारा चुकाया नहीं गया है। इस संपत्ति को लेकर पिछला भुगतान अगस्त 2013 में किया गया था।
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