
यूएई ने खोले भारत के लिए तेल के नए रास्ते
India UAE Oil Deal: ईरान की दादागिरी को खत्म करने के लिए UAE ने बड़ा दांव चल दिया है। होर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी को धता बताते हुए यूएई (UAE) अब 'वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन' के जरिए सीधे अरब सागर से तेल एक्सपोर्ट करेगा। क्राउन प्रिंस ने ADNOC को साल 2027 तक क्षमता दोगुनी करने का सख्त आदेश दिया है। इस मास्टरस्ट्रोक से भारत को सबसे ज्यादा फायदा होगा। शिपिंग खर्च और इंश्योरेंस कम होने से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया की 20% तेल सप्लाई करने वाले होर्मुज स्ट्रेट पर ताला जड़ दिया है। कुवैत और कतर जैसे देश बूंद-बूंद तेल के लिए तरस रहे हैं, लेकिन इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। यूएई ने अपनी 'वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन' प्रोजेक्ट की रफ्तार को 10 गुना बढ़ा दिया है। इसका मकसद साफ है 2027 तक होर्मुज को पूरी तरह बायपास करके फुजैराह के रास्ते दोगुना तेल एक्सपोर्ट करना। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने एक ऐसा आदेश दिया जिसने खाड़ी की जियोपॉलिटिक्स बदल दी है।
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने साफ कर दिया है कि अब इंतजार का वक्त खत्म हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) को वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। प्रिंस ने कहा कि पाइपलाइन का निर्माण जारी है और इसके सला 2027 में चालू होने की उम्मीद है।
यूएई का यह कदम भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अभी तक भारत को आने वाला तेल होर्मुज के रास्ते आता था, जहां युद्ध के कारण जहाजों का इंश्योरेंस और रिस्क प्रीमियम आसमान छू रहा था। लेकिन अब नजारा बदलने वाला है।
हबशन से फुजैराह तक फैली 406 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन फिलहाल यूएई की लाइफलाइन बनी हुई है। ईरान ने समुद्री रास्ते बंद किए, वहीं यूएई और सऊदी अरब ही ऐसे दो खिलाड़ी बचे हैं जो बिना किसी डर के तेल निकाल पा रहे हैं। हालांकि, ईरान ने ड्रोन हमलों से डराने की कोशिश जरूर की है।
यूएई ने हाल ही में ओपेक (OPEC) से बाहर निकलकर सबको चौंका दिया था। अब वह किसी के प्रोडक्शन कट के दबाव में नहीं है। नई पाइपलाइन का मतलब है कि यूएई दुनिया की मांग के हिसाब से अपना प्रोडक्शन बढ़ा सकेगा। फुजैराह पोर्ट पर होने वाली हलचल इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में खाड़ी की चौधराहट होर्मुज नहीं, बल्कि फुजैराह तय करेगा। वहीं, ओमान के पास भी एक लंबा तट है, लेकिन यूएई की इंफ्रास्ट्रक्चर पावर ने उसे इस रेस में सबसे आगे खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि ईरान इस 'बायपास गेम' पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
Published on:
15 May 2026 09:21 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
