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पूर्व IPS शिवदीप वामनराव लांडे ने किया इमोशनल पोस्ट, बेटी ने किडनी देकर बचाई पिता की जिंदगी

Ex IPS Shivdeep Lande: पूर्व IPS शिवदीप लांडे ने अपनी बेटी गौरी के लिए एक भावुक संदेश साझा किया है, जिसने अपने पिता को नई जिंदगी देने के लिए अपनी किडनी दान कर दिया है।
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Mar 30, 2026
Police officer and woman in saree
Ex IPS Shivdeep Lande Emotional Post (Image: X)

Ex IPS Shivdeep Lande Emotional Post: अपनी सख्त छवि के लिए मशहूर पूर्व IPS अधिकारी शिवदीप वामनराव लांडे इस समय जीवन के सबसे भावुक दौर से गुजर रहे हैं। मुंबई के एक अस्पताल के ICU (आईसीयू) में अपनी बेटी गौरी के चेहरे को निहारते हुए लांडे ने एक ऐसा संदेश साझा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह कहानी सिर्फ एक पिता-पुत्री के रिश्ते की नहीं, बल्कि उस निस्वार्थ त्याग की है, जिसमें एक बेटी ने अपने पिता को नई जिंदगी देने के लिए किडनी दान कर दी है।

तुम्हारी जिद के आगे मैं नतमस्तक हूं…

शिवदीप लांडे ने अपने संदेश में स्वीकार किया कि जीवन की बड़ी से बड़ी चुनौतियों और विपरीत परिस्थितियों ने उन्हें कभी विचलित नहीं किया, लेकिन अपनी बेटी के एक फैसले ने उन्हें पूरी तरह झकझोर दिया है। उन्होंने लिखा, ''गौरी, जीवन में बहुत सी कठिनाइयां आईं, विपत्तियों ने घेरा, पर मैं सदैव अटल रहा। किन्तु तुम्हारे एक निर्णय… सिर्फ एक निर्णय ने मुझे झकझोर कर रख दिया। अपने पिता को नया जीवन देने के लिए जब तुमने अपनी किडनी दान करने का संकल्प लिया, तो मैं तुम्हारे निःस्वार्थ समर्पण और जिद के आगे नतमस्तक हो गया।''

तीन महीने की अकेली जंग

एक पिता के रूप में लांडे ने उस संघर्ष को याद किया, जो गौरी ने पिछले 90 दिनों में लगभग अकेले लड़ा। ऑपरेशन के लिए जरूरी दर्जनों मेडिकल टेस्ट, हजारों कागजों की कानूनी जटिलताएं और अस्पताल के लगातार चक्कर… गौरी ने सब कुछ खुद संभाला। लांडे कहते हैं, ''मैं बस मूक दर्शक बन तुम्हें निहारता रहा। शायद आज मुझे उस प्रश्न का उत्तर मिल गया कि ईश्वर इंसान के जीवन में बेटी क्यों भेजता है? शायद मां का साथ एक पड़ाव तक रहता है और पूरी उम्र उस कमी को ईश्वर एक बेटी के रूप में पूरा करता है।''

जब सब साथ छोड़ दें, बेटी बनती है सबसे बड़ा सहारा

आईसीयू बेड पर लेटी अपनी बेटी को देखते हुए लांडे ने रिश्तों की उस कड़वी हकीकत को भी बयां किया, जो अक्सर मुश्किल वक्त में सामने आती है। उन्होंने लिखा, ''आज समझ आया… रिश्तेदारों में भाई साथ छोड़ दे, बेटा पीठ दिखा दे, बहन मुड़ जाए, यहां तक कि पत्नी भी जीवन-मृत्यु के इस संघर्ष में साथ छोड़ दे। लेकिन बेटी निस्वार्थ खड़ी रहती है… अपना जीवन दांव पर लगाकर भी।''

फिलहाल, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पिता और पुत्री दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

Updated on:
30 Mar 2026 06:55 pm
Published on:
30 Mar 2026 06:53 pm