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BJP जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपना गुलाम बनाना चाहती है’, राज्य के दर्जे के मुद्दे पर फारूक अब्दुल्ला का बीजेपी पर हमला

जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी पर हमला बोला हैं। जानिए BJP-NC विवाद और 2000 व 2024 के प्रस्तावों का पूरा मामला।
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Oct 02, 2026
Farooq Abdullah news
फारूक अब्दुल्ला(फोटो-IANS)

Farooq Abdullah On BJP: जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपना 'गुलाम' बनाना चाहती है और इसके खिलाफ लड़ना होगा। उनका यह बयान बीजेपी की ओर से जम्मू-कश्मीर विधानसभा के राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव में पुराने स्वायत्तता संबंधी प्रस्ताव का जिक्र किए जाने पर आपत्ति जताने के बीच आया है।

राज्य के दर्जे के प्रस्ताव पर बीजेपी-एनसी आमने-सामने


जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सितंबर 2026 में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव में 2000 और 2024 में विधानसभा से पारित किए गए पुराने प्रस्तावों का भी जिक्र किया गया। बीजेपी ने खास तौर पर 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव के संदर्भ पर आपत्ति जताई। बीजेपी का कहना है कि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के पक्ष में है, लेकिन प्रस्ताव में इस्तेमाल भाषा और पुराने स्वायत्तता संबंधी संदर्भ पर उसे आपत्ति है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग के जरिए अपनी पुरानी अधिक स्वायत्तता की मांग को फिर से सामने ला रही है।

2000 में फारूक सरकार ने पास किया था स्वायत्तता प्रस्ताव


फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली तत्कालीन नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने 26 जून 2000 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में स्वायत्तता से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया था। इसमें 9 अगस्त 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति के अनुरूप अधिक स्वायत्तता बहाल करने की मांग की गई थी। इसके बाद 6 नवंबर 2024 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने विशेष दर्जे और संवैधानिक गारंटी की बहाली के लिए बातचीत शुरू करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव का भी बीजेपी ने विरोध किया था।

एनसी पर बीजेपी ने लगाए ये आरोप


बीजेपी का आरोप है कि एनसी विधानसभा के मौजूदा राज्य के दर्जे संबंधी प्रस्ताव को अपनी पुरानी राजनीतिक मांगों से जोड़ रही है। पार्टी ने सत्ताधारी एनसी पर संवैधानिक मुद्दों को दोबारा उठाकर राजनीतिक विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, एनसी का कहना है कि मौजूदा प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराना है। उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में कहा था कि 2000 और 2024 के प्रस्तावों का जिक्र इसलिए किया गया है क्योंकि वे सदन के पहले के प्रस्ताव हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया प्रस्ताव उन प्रस्तावों को खत्म या उनकी जगह लेने वाला नहीं है, बल्कि पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली की मांग करता है।

Updated on:
02 Oct 2026 04:08 pm
Published on:
02 Oct 2026 04:08 pm
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