
West Bengal UCC: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) की समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर की गई घोषणा के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है वे बहुत कुछ करने जा रहे हैं, लेकिन वे यह नहीं जानते कि भगवान क्या करने जा रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने 'लव जिहाद', जबरन धर्म परिवर्तन और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ भी सख्त कानून बनाने की घोषणा की थी।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए JKNC के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वे अपने राज्य के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं। लेकिन वे यह नहीं जानते की भगवान क्या कर सकता है। इससे पहले भी फारूक अब्दुल्ला ने यूसीसी पर कहा था कि भारत देश विविधताओं से भरा हुआ है। इसमें कई अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और मान्यताओं के लोग रहते हैं। ऐसे में यहां यूसीसी को लागू करने से बड़ा विरोध हो सकता है।
देश में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और SIR से जुड़े मुद्दों पर भी फारूक अब्दुल्ला ने बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा EC और अन्य को नोटिस जारी करने पर कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है। हमें उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले को देखेगा और उनकी गलतियों पर ध्यान देगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद बंगाल समान नागरिक संहिता लागू करने वाला तीसरा राज्य होगा। उन्होंने कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया गया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लिए प्रस्तावित यूसीसी का मसौदा तैयार कर रही समिति प्रेसिडेंसी, वर्धमान, मिदनापुर, मालदा और जलपाईगुड़ी में जनसुनवाई आयोजित करेगी। इसके बाद सभी के सुझाव लिए जाएंगे उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह काम जल्द ही पूरा हो जाएगा।