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दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट में प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर दर्ज की 4 FIR, 18 लोग गिरफ्तार

Parliament Street violence: दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में सोमवार के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 4 FIR दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक 18 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
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Parliament Street protest police action

दिल्ली पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया। (फोटो-IANS)

Parliament Street Protest: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पर सोमवार के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में चार FIR दर्ज की हैं। इन FIR में चाकू मारने, दंगा करने, तोड़-फोड़ करने और सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने जैसे मामले शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कांस्टेबल पर किया हमला

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई। इस हिंसा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक कांस्टेबल बिक्रम कुमार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। उनका कहना था कि जब वे एक प्रदर्शनकारी को बैरिकेड से दूर ले जा रहे थे तो उनकी दाहिनी कोहनी चोट आई। उन्हें चिकित्सीय जांच तथा इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया।

विनोद जाखड़ कर रहे थे अगुवाई

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग करते हुए आरोप लगाए कि चुनाव आयोग 'वोट चोरी' को रोकने में नाकाम रहा है। एनएसयूआई का यह विरोध प्रदर्शन एसआईआर में गड़बड़ी और निर्वाचन आयोग के कामकाज के तरीके को लेकर उठ रहे सवालों के कारण हुआ है।

जिंदा लाश बनकर किया प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में 2 अक्टूबर के बाद से लगातार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने रायसीना रोड स्थित एनएसयूआई मुख्यालय के पास प्रतीकात्मक रूप से जिंदा लाश बनकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जमीन पर 'शव' बनकर लेट गए। एनएसयूआई का आरोप है कि वोटर लिस्ट से जिंदा लोगों के नामों को मृत घोषित करके काट दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की।

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

पार्लियामेंट स्ट्रीट पर हुई हिंसा के मामले में अब अधिकारियों का कहना है कि हिंसा की परिस्थितियों और व्यक्तिगत प्रदर्शनकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस ने इससे पहले शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के संबंध में कानूनी आदेशों की अवहेलना, सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी।