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‘ट्रंप कब होश में आएंगे?’ फारूक अब्दुल्ला का सवाल, बोले- ईरान को अपने बचाव का हक, अब युद्ध खत्म हो

मध्य पूर्व संकट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने ट्रंप पर साधा निशाना। कहा- दुनिया में तबाही, महंगाई से गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित। ईरान को अपने बचाव का हक, युद्ध खत्म करने की अपील।
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Updated: 23 Oct 2026, 3:24 PM IST
Farooq Abdullah statement
​मिडिल ईस्ट संकट पर फारूक अब्दुल्ला का ट्रंप पर निशाना, Photo Source@ANI

Farooq Abdullah Statement: मध्य पूर्व संकट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला कहते हैं, "ट्रंप के कामों से दुनिया में तबाही आ रही है। वे कब होश में आएंगे? इससे कोई फायदा नहीं होने वाला। पूरी दुनिया इस संकट से गुजर रही है। देखिए, महंगाई कितनी बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों को होगा। अब समय आ गया है कि ट्रंप इस युद्ध को खत्म करें। ईरान को अपना बचाव करने का हक है। अब बहुत हो चुका। बहुत लड़ाई-झगड़ा हो गया है, और यह युद्ध का समय नहीं है।

ट्रंप की नीति से दुनिया तबाही के कगार पर

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाइयों की तीखी आलोचना की है। उन्होनें कहा कि, डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध-प्रेरित नीतियों के कारण दुनिया तीसरे विश्व युद्ध और तबाही की ओर बढ़ रही है और किसी भी स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र पर इस तरह नियंत्रण थोपना पूरी तरह गलत है।
अब्दुल्ला ने अमेरिका और इजरायल को अपनी युद्ध-प्रेरित मानसिकता छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अतीत में वेनेजुएला जैसे देशों में जो किया, वही वह ईरान के साथ भी दोहराने की कोशिश कर रहा है, जिससे वैश्विक अशांति बढ़ रही है।

ईरान को दिया समर्थन

फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि, यदि अमेरिका और इजरायल को लगता है कि हमलों से ईरान झुक जाएगा, तो यह उनकी बड़ी भूल है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ईरान के लोग अपनी गर्दन कटवा सकते हैं, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। ईरान युद्ध लड़ने से पीछे नहीं है ओर अमेरिका उसे कभी झुका नहीं सकेगा।

मुस्लिम देशों की चुप्पी पर निराशा

फारूख अ​​​ब्दुला ने ईरान पर हो रहे अमेरिकी और इजराइल के हमलों पर गहरी चिंता जताई कि जब एक मुस्लिम देश (ईरान) पर इस तरह के संकट मंडरा रहे हैं, तब बाकी दुनिया और अरब देश चुप बैठे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वे आज एकजुट नहीं हुए, तो कल अन्य अरब देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है। जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए युद्धविराम और वार्ताओं का दौर चला, तो उन्होंने इसका स्वागत करते हुए कहा था कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और केवल कूटनीति तथा संवाद के माध्यम से ही दुनिया में शांति आ सकती है।

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23 Oct 2026, 3:24 PM IST
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