
सुखबीर सिंह बादल (फाइल फोटो-ANI)
Akali Dal-BJP alliance: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल एक क्षेत्रीय पार्टी है और हमारे लिए पंजाब सबसे पहले है। सरकार बनाएं या न बनाएं, हम पंजाब के लोगों के लिए लड़ते रहेंगे। हमारी नजर में पंजाब के दो सबसे बड़े दुश्मन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी हैं। इन पार्टियों के साथ हमारा गठबंधन कभी नहीं हो सकता। हालांकि, जो दल शिरोमणि अकाली दल की विचारधारा और कार्यक्रम से सहमत हैं, उनके लिए हम खुले हैं। सुखबीर बादल के इस बयान से कयास लगाए जाने लगे हैं कि बीजेपी और अकाली दल एकबार फिर से साथ आ सकते हैं।
गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में पंजाब में NDA सरकार का जिक्र किया था। गृह मंत्री शाह ने कहा था कि
आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल की बहानेबाजी वाली राजनीति अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। पंजाब में NDA की सरकार बनने के बाद राज्य में नशे की तस्करी की समस्या को जल्द से जल्द खत्म किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी राज्य में जमीनी स्तर पर सर्वे करा रही है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि पंजाब में गठबंधन के मुद्दे पर सही समय आने पर विचार किया जाएगा। वहीं, कुछ दिनों पहले अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी का रुख बदलते हुए केंद्र के परिसीमन और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के एजेंडे का समर्थन किया। इतना ही नहीं, अकाली दल ने एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का भी समर्थन किया था। बीते 7 अगस्त को सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई थी। उसके बाद अकाली दल की तरफ से बयान आया कि बंद दरवाजा थोड़ा सा खुल गया है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने जून महीने में मीडिया से बातचीत में अकेले चुनाव लड़ने की बात कही थी। गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नवीन संग 13 जून को हुई बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि हमने पंजाब की राजनीति पर चर्चा की। यह बहुत अच्छी बैठक थी। पंजाब के लिए हमारा एकमात्र एजेंडा विकास है। हम सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। अभी गठबंधन की कोई बात नहीं है। हम पंजाब में भाजपा की सरकार बनाएंगे।
गौरतलब बात यह है कि साल 2020 में भाजपा और अकाली दल का गठबंधन टूट गया था। कृषि कानून और किसान आंदोलन के चलते अकाली दल ने खुद को NDA से अलग कर लिया था। अब सुखबीर सिंह बादल के पंजाब को सर्वोपरि बताने वाले बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Updated on:
23 Oct 2026, 2:02 PM IST
Published on:
23 Oct 2026, 2:02 PM IST
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