
Godavari River Accident: महाराष्ट्र के नांदेड़ में शुक्रवार को एक पुल की मेटल रेलिंग तोड़कर गोदावरी नदी में कार गिर गई। कार में सवार 42 साल के एक सरकारी स्कूल टीचर और उनके दो बच्चों की नदी में डूबने से मौत हो गई। मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस घटना को खुदकुशी की आशंका से जोड़कर देख रही है।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार सुनील ने घटना से पूर्व अपने WhatsApp स्टेटस में सीनियर्स पर प्रताड़ना के कई आरोप लगाए थे। स्टेटस में उसने आरोप लगाया था कि उसके सीनियर उसे परेशान कर रहे हैं, और यह कहा था कि वह परेशान होकर अपने दोनों बच्चों के साथ अपनी जान दे देगा। खुदकुशी से पहले सुनील मोरे ने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक संदेश पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने समूह शिक्षा अधिकारी और केंद्र प्रमुख पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि इसी कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने ये कदम उठाया।
घटना के वक्त कार में सुनील और उसके दोनों बच्चे सवार थे। सुनील पत्नी को थोड़ी देर में वापस लौटने की कहकर घर से निकला था। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह गोदावरी नदी के पुल पर एक तेज रफ्तार कार मेटल की रेलिंग को तोड़कर नदी में गिर गई।
तेज धमाका सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल की तरफ दौड़े। लेकिन मौके पर संसाधन मौजूद नहीं होने पर कार सवार लोगों को बचाने में लोग नाकाम रहे। लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार को बाहर निकाला।
पुलिस ने जब कार में रखे दस्तावेज खंगाले तब जाकर सुनील और उसके दोनों बच्चों की पहचान हुई। पुलिस ने तीनों शव मुर्दाघर भिजवाए और मृतक सुनील की पत्नी को घटना की सूचना दी।सुनील मोरे हिमायतनगर के पोटा बुद्रुक के जिला परिषद विद्यालय में टीचर थे। सुनील मोरे मूल रूप से भोकर तालुका के बेम्बार गांव की रहने वाले थे।
फिलहाल पुलिस थाने में घटना को लेकर परिजनों की तरफ से कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि सुनील सीनियर्स की प्रताड़ना को लेकर बीते कई दिनों से मानसिक अवसाद में था। सुनील के नजदीक रहने वाले लोगों का कहना है कि वह मिलनसार था और सभी लोगों की मदद के लिए हर समय तत्पर रहता था। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत दर्ज होने के बाद सभी बिंदूओं पर गहनता से जांच करने की बात कही है।