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Jaish-e-Mohammed: 3 साल से टाइमर बम बनाने में जुटे थे आरोपी, 8 बार किया बलास्ट, गुजरात ATS ने 5 को किया गिरफ्तार

Jaish-E-Mohammed: गुजरात एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित नेटवर्क के पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एटीएस का दावा है कि आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और आतंकी गतिविधियों की साजिश में शामिल थे।
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Gujarat ATS

गुजरात एटीएस की गिरफ्त में संदिग्ध आरोपी। फोटो- पत्रिका

अहमदाबाद। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने देश विरोधी गतिविधियों और आतंकी साजिशों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) की विचारधारा को बढ़ावा देने को राज्य में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रच रहे पांच और सक्रिय आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपियों में पाटण जिले की सिद्धपुर तहसील का मूल बिलाल शेरा (24), महमद अयूब कडीवाल (22), मोहम्मद अयूब सुणसरा उर्फ मो.खळी (20), सरस्वती तहसील के हैदरपुरा गांव का मो. हसन करडिया उर्फ हसन हैदरपुरी (20) तथा बनासकांठा जिले की वडगाम तहसील के छापी निवासी शफीअ मुखी उर्फ शफी छापी (21) शामिल है।

सभी आरोपी विभिन्न मदरसों से जुड़े

बिलाल वर्तमान में अहमदाबाद के कठवाड़ा में रहने वाला बिलाल गढा के जमियत उल उलूम मदरसा से पढ़ा है। सुणसरा व हसन भरूच के दारुल उलूम में रहते हैं। कडीवाल खडियासणा के मदरसा का रहने वाला है। शफी को नवसारी में दाभेल के जामिया इस्लामिया तालिम्मुदीन मदरसा से पकड़ा है। ये सभी आरोपी विभिन्न मदरसों से जुड़े हैं।

एटीएस के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआइजी) सुनील जोशी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि 2 जुलाई को 8 लोगों विरुद्ध एटीएस थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इन्होंने दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद नाम से नया संगठन बनाया है। इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए पांच और आरोपियों को पकड़ा गया। ये साजिशों को अंजाम देने के लिए तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होने का प्रयास कर रहे थे।

टाइमर बम बनाने में जुटे थे आरोपी

जोशी ने बताया कि आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने को जैश संस्थापक मसूद अजहर के वीडियो, किताब व अन्य भड़काऊ व आपत्तिजनक साहित्य, पुस्तकों का इस्तेमाल करते थे। अन्य युवाओं का ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहे थे, इसके लिए तीन बैठकें भी की थीं। आरोपी वर्ष 2023 से टाइमर आइईडी बम बनाने की कोशिश कर रहे थे। आइडी बम एसेम्बल कर उसे आठ बार ब्लास्ट कर टेस्ट भी कर चुके हैं।

इसके लिए आरोपियों ने जरूरी सामग्री को स्थानीय बाजार से खुद की बचत के पैसों से खरीदा था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी केमिकल खरीदे थे। आरोपियों ने अकेला मजाहिद कैसे करे किताब में दी गई जानकारी से बम बनाए। इससे पहले पकड़े गए आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा, अहमद गाजीवाला, जकरिया घघा को इन पांचों के टाइमर बम बनाने की न सिर्फ जानकारी थी बल्कि इसमें ये तीनों भी लिप्त थे। आरोपियों ने पाटण जिले की सिद्धपुर तहसील के गांवों में बमों की टेस्टिंग की थी। बिलाल ने अमीन को पेनड्राइव में जैश के आतंकी मसूद अजहर के बयान, वीडियो और किताब दी थी। उसे प्रिंट करके यह लोग इस्तेमाल कर रहे थे।

आठ दिन का रिमांड मंजूर

एटीएस ने इन आरोपियों को 15 जुलाई को हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों के 8 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है। जोशी ने बताया कि दो से तीन महीने पहले जम्मू एवं कश्मीर का जो युवक वडोदरा में आया था और महेसाणा जिले के नंदासण निवासी अहमद और इब्राहिम ने उससे मुलाकात की थी। उस युवक के बारे में एटीएस जांच में जुटी है। आरोपियों से विभिन्न एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।