
Amarnath Yatra latest news: मौसम का मिजाज तल्ख है और आसमान से पानी बरस रहा है, लेकिन बाबा बर्फानी के भक्तों की आस्था के आगे कुदरत की ये चुनौतियां भी बौनी साबित हो रही हैं। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आज सुबह श्री अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पांचवां जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से श्रीनगर के लिए रवाना हो गया। 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का जोश देखने लायक था।
जम्मू से रवाना होने पर एक भक्त ने कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान की कृपया से ये व्यवस्थाएं बिना रुके चलती रहें। मैं प्रशासन से अनुरोध करूंगा कि भगवान की कृपा से ऐसी व्यवस्थाएं हमेशा बनी रहें, बहुत बड़ा बदलाव आया है। मुझे याद है 2013 में किश्तवाड़ की घटना के समय आतंकवादियों ने हमारे चार सैनिकों के सिर काट दिए थे और उनके सिर से फुटबॉल भी खेला था। उस समय हालात बहुत खराब थे।
एक अन्य ने कहा कि मैं दिल्ली से आई हूं। मैंने वहां से ऑफलाइन रजिस्ट्रेश करवाया था। मुझे वहां कोई परेशानी नहीं हुई। यहां बी मैंने एयरपोर्ट से आसानी से RFID बनावा ली है।
वहीं एक और ने श्रीनगर से रवाना होने से पहले कहा कि मैं दूसरी बार आ रहा हूं और बहुत उत्साह है और बाबा का बहुत आशीर्वाद है। हमारी सेना बहुत अच्छा काम कर रही है, इसमें कोई संदेह नहीं है, और वे हर चीज में सहयोगी हैं। मैं बस चाहता हूं कि लोग भी सेना के साथ थोड़ा सहयोग करें क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है।
बता दें कि इस साल अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा को लेकर प्रशासन का कहना है कि यात्री अपनी यात्रा को कुछ दिन के लिए टाल दें। प्रशासन का कहना है कि 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह से भर चुके हैं।
बत दें कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र जारी किया था। पीएम ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं भी दी थी। पीएम मोदी ने कहा था कि बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पांच संकल्पों से जुड़ा मेरा यह पत्र है।