
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (इमेज सोर्स: आईएएनएस)
Amarnath Yatra Registration Latest Update: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को ‘श्री अमरनाथ यात्रा 2026’ की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे वैध रजिस्ट्रेशन के बिना यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर न आएं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्रद्धालुओं के पहुंचने से इंतजार का समय बढ़ रहा है और व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
उपराज्यपाल ने एक उच्च स्तरीय बैठक में यात्रा की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग, इंटेलिजेंस ब्यूरो, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में श्रद्धालुओं की आवाजाही, ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, ठहरने की व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से जारी रहे।
बैठक में बताया गया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध रजिस्ट्रेशन के जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। इससे पंजीकृत श्रद्धालुओं को भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
मनोज सिन्हा ने कहा कि यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार तय सीमा के भीतर ही रखी जाती है। ऐसे में सभी श्रद्धालुओं के लिए तय तारीख के अनुसार रजिस्ट्रेशन का पालन करना जरूरी है। इससे यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस श्रद्धालु के पास तय तारीख का वैध रजिस्ट्रेशन होगा, केवल उसी को पवित्र गुफा की ओर जाने वाले यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
उपराज्यपाल ने उन श्रद्धालुओं से यानी कि जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। फिलहाल कुछ दिन यात्रा टालें। ताकि उन्हें जम्मू-कश्मीर पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यही नहीं प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से कहा है कि यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें और अपनी निर्धारित तारीख का यात्रा पंजीकरण परमिट जरूर प्राप्त करें। बिना पुष्टि वाले रजिस्ट्रेशन के यात्रा करने वालों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में उपराज्यपाल ने यात्रा की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए काम करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने लंगर समितियों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवी संगठनों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आध्यात्मिक अनुभव के साथ यात्रा पूरी करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
Updated on:
04 Jul 2026 09:12 pm
Published on:
04 Jul 2026 09:11 pm
