
सीबीआई। (फाइल फोटो- ANI)
रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े बड़े फाइनेंशियल घोटाले में एक और बड़ा एक्शन हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अमित बापना को गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी पब्लिक सेक्टर बैंकों में हुए हजारों करोड़ के नुकसान के बाद हुई है। अमित बापना पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मध्यस्थ कंपनियों को लोन मंजूर किए, जिससे फंड्स सीधे ग्रुप कंपनियों में चले गए।
अमित बापना पहले से ही ईडी की एक अन्य केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं। सीबीआई ने मुंबई की स्पेशल कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर उन्हें कोर्ट में पेश किया और 4 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने सीबीआई को उनकी 4 दिन की कस्टडी दी है, ताकि और पूछताछ की जा सके। इस गिरफ्तारी से पूरे मामले की जांच तेज होने की उम्मीद है।
अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के सीएफओ रह चुके हैं। कंपनी के फाइनेंशियल मामलों को संभालने वाले मुख्य लोगों में से एक थे।
जांच एजेंसियों का कहना है कि वे पूरी तरह जानते हुए भी आरबीआई के नियमों और पब्लिक सेक्टर बैंकों से लिए गए लोन की शर्तों का उल्लंघन कर लोन पास कराते रहे।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) ने बैंकों से जो पैसे लिए, उन्हें सीधे ग्रुप की कंपनियों तक नहीं पहुंचाया। इसके बजाय मध्यस्थ कंपनियों के जरिए फंड्स को घुमाया गया।
ये पैसे फिर रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर जैसी कंपनियों में पहुंच गए। इससे बैंकों को भारी नुकसान हुआ, जबकि ग्रुप को फायदा पहुंचा।
अमित बापना पहले से ईडी की जांच में फंसे हुए थे। दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में उनका केस चल रहा था। सीबीआई ने उसी कस्टडी का फायदा उठाते हुए उन्हें अपने केस में शामिल किया। अब दोनों एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं।
बता दें कि ईडी और सीबीआई ने अभी तक इस मामले में कई और लोगों से पूछताछ की है। अमित बापना से 4 दिन की कस्टडी में और डिटेल्स निकलने की उम्मीद है।
Updated on:
04 Jul 2026 08:51 pm
Published on:
04 Jul 2026 08:51 pm
