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इस्तीफे के बाद भी नहीं टली पूर्व जज यशवंत वर्मा की मुसीबत, मानसून सत्र में संसद में पेश हो सकती है जांच रिपोर्ट

जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जांच रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी गई है, जिसे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।
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भारत

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Rahul Yadav

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Shaitan Prajapat

Jul 04, 2026

Justice Yashwant Varma

जस्टिस यशवंत वर्मा

Justice Yashwant Varma Report: पूर्व जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। संसदीय समिति की जांच रिपोर्ट संसद के मानसून सत्र में पेश की जा सकती है। यह रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की इन-हाउस जांच में कहा गया था कि जिस स्टोररूम से नकदी मिली थी, वह जस्टिस वर्मा के कंट्रोल में था। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद महाभियोग की प्रक्रिया समाप्त हो गई थी। लेकिन अब रिपोर्ट संसद में पेश की जा सकती है। इस पर चर्चा होगी या नहीं, इसका फैसला सरकार करेगी।

20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र

संसदीय कार्य मंत्री किरेन ने शनिवार को बताया कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद 19 बैठकों वाला 25 दिवसीय सत्र आयोजित किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे के गठबंधन में हुए विद्रोह के परिणाम भी आगामी सत्र में देखने को मिलेंगे।

संसद में प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा टीएमसी के 20 सांसदों और शिवसेना-यूबीटी के छह सांसदों की अलग-अलग समूहों के रूप में मान्यता देने की मांगों पर निर्णय का इंतजार है। राज्यसभा में नव निर्वाचित और पुनः निर्वाचित सांसदों द्वारा शपथ लेने के बाद, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के पक्ष में राजनीतिक संख्या और भी ज्यादा हो गई है। उच्च सदन से टीएमसी के तीन बागी सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है और उपचुनावों से भाजपा को राज्यसभा में और अधिक ताकत जुटाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी

रिजिजू ने X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को मानसून सत्र 2026 के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लेने के लिए यह सत्र 20 जुलाई 2026 को शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा।

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए पिछला सत्र निराशाजनक रहा क्योंकि विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को 2029 में लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान संशोधन विधेयक निचले सदन में पास नहीं हो पाया। सरकार अब विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है ताकि सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि की जा सके।